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टीम ने किया जेल का निरीक्षण, सामने आई समस्याओं के समाधान का निर्देश

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लाइव खगड़िया (मनीष कुमार) : जिले के मंडल कारा में बंद कैदियों की समस्याओं को सुनने एवं उनका समाधान करने के लिए अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी भूपेंद्र प्रसाद यादव के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को जेल का निरीक्षण किया गया. टीम में सदर अनुमंडल पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार एवं वरीय उप समाहर्ता चंदन कुमार शामिल थे.

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निरीक्षण के दौरान टीम ने कैदियों के स्नान, शौच, पानी में आयरन की मौजूदगी, खराब पड़े हैंडपंप, खाने की गुणवत्ता, पेयजल, डॉक्टर की वैकल्पिक व्यवस्था, घरवालों से मुलाकात की व्यवस्था आदि जैसे मामले पर कैदियों से वार्तालाप किया गया एवं सामने आई समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश जेल अधीक्षक विपिन कुमार एवं भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को दिया गया. 


इस क्रम में आयरन की मात्रा को दूर करने के लिए एक आयरन ट्रीटमेंट मशीन लगाने का निर्देश भवन निर्माण के कार्यपालक अभियंता को दिया गया एवं इसके लिए प्लांट लगाने के लिए कार्य विभाग से पत्राचार करने का निदेश जेल अधीक्षक को दिया गया. साथ ही स्नान के लिए नल में टोंटियां लगाने एवं शौचालय की मरम्मति का निर्देश कार्यपालक अभियंता को दिया गया. वहीं जेल के डॉक्टर के कोरोना पॉजिटिव होने के चलते वैकल्पिक डॉक्टर एवं महिला कैदियों के लिए महिला डॉक्टर उपलब्ध कराने के लिए सिविल सर्जन से आग्रह किया गया.

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टीम के द्वारा जेल की रसोई का भी निरीक्षण किया गया और खाने की गुणवत्ता से संतुष्ट रहे. टीम ने  खाने की गुणवत्ता पर ध्यान देने के लिए मेस कमिटी का गठन कर कर इसका अनुश्रवण करने का निर्देश जेल अधीक्षक को दिया. साथ ही जेल के मेस में नया आरओ लगाने का निदेश दिया गया, ताकि कैदियों को स्वच्छ पेयजल मिल सके. इधर जेल अधीक्षक ने बताया की कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कैदियों की मुलाकात उनके परिजनों से कराई जा रही है.

जेल का मुआयना करने वाले दल ने माना कि कुल मिलाकर जेल की व्यवस्था ठीक है और सामने आई कमियों को तत्काल ठीक कराने का निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों को दिया गया. बताया जाता है कि प्रशासन के स्तर से जिस शिकायत का निवारण संभव है, उसे किया जाएगा. क्योंकि कोविड महामारी के दूसरी लहर मे जिला प्रशासन कैदियों के समस्याओं के प्रति संवेदनशील है तथा कैदियों का टीकाकरण और कोविड जांच भी आवश्यकतानुसार कराई जा रही है.

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