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अद्भुत : जब संविधान की प्रस्तावना पाठ के लिए उठे बच्चों के हाथ

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लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के परबत्ता प्रखंड के पिपरा लतीफ पंचायत के उत्क्रमित माध्यमिक मकतब इस्लामपुर के छात्र-छात्राओं सहित शिक्षकों में लंबे अरसे के बाद विद्यालय खुलने पर प्रसन्नता देखी गई. शिक्षकों द्वारा कोरोना को लेकर गाइडलाइन का छात्रों को बताए जाने का असर विधालय परिसर से लेकर क्लास रुम मे दिखा. विद्यालय कैंपस में प्रवेश के बाद सबसे पहले छात्रों को हाथ साफ करने का निर्देश दिया गया. जिसके बाद शारीरिक व्यायाम कराया गया.

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उल्लेखनीय है कि विद्यालय में 1000 से अधिक नामांकित छात्र-छात्राएं हैं और निर्धारित क्लास रूम का अभाव रहने के बावजूद भी यहां के शिक्षक 50 प्रतिशत की उपस्थिति के साथ वर्ग का संचालन कर रहे हैं. विद्यालय के प्रधान मोहम्मद रियाजउद्दीन ने बताया कि विभाग द्वारा कोरोना को लेकर जारी गाइडलाइन का पूरा पालन किया जा रहा है. इस दौरान विद्यालय शिक्षा समिति और बच्चों के अभिभावक से भी आवश्यक मदद मिल रही है. कुछ बच्चों के पास मास्क उपलब्ध नहीं थे, जिन्हें तत्काल विद्यालय की ओर से मास्क उपलब्ध कराया गया है. वहीं उन्होंने बताया कि कक्षा में बच्चों के बीच उचित दूरी का  पालन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. जिसमें शिक्षक मो नसीम नज़र, मुख्तार आलम ,शमशीर आलम, सरफ़राज़, इक़बाल, शहनाज़ रुबीना नुरूज़्ज़मान इत्यादि का सहयोग मिल रहा है.


कंठस्थ हो चुका है बच्चों को संविधान की प्रस्तावना का पाठ

विद्यालय में बच्चे प्रतिदिन प्रात: प्रार्थना के पश्चात् भारत के संविधान की प्रस्तावना का पाठ करते हैं. यह पाठ सभी बच्चों को अब कंठस्त हो गया है. बताया जाता है कि यह क्रम विगत कई वर्षों से अनवरत चल रहा है. सुबह जब सैकड़ों  की संख्या मे बच्चे एकसाथ शपथ लेने की मुद्रा में एक हाथ उठाकर संविधान की प्रस्तावना का पाठ करते हैं तो वह नजारा देखने लायक होता है. वहीं बिहार गीत ” मेरी रफ़्तार पे सुरज की किरण नाज करें, ऐसी परवान दें मालीक की गगन नाज करें ” गीत से विद्यालय परिसर गुंजायमान हो जाता है. बहरहाल यह विद्यालय अनुशासन की परंपरा को कायम रखते हुए सीमित संसाधनों के बीच एक बार फिर बच्चों को शिक्षा प्रदान करने में जुट गया है.

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