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इस बार नवरात्र पर कई अद्भुत संयोग,होगा शुभ ही शुभ

लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : शारदीय नवरात्र बुधवार 10 अक्टूबर से प्रारम्भ हो गया है और 19 अक्टूबर को विजयादशमी है.परम शक्ति मां दुर्गा की आराधना के लिए नवरात्रा को सर्वोत्तम समय माना जाता है.इसमें भी शारदीय नवरात्रा का सर्वाधिक महत्व है.कहा जाता है कि भगवान राम ने भी नवरात्रा कर देवी को प्रसन्न कर विजयादशमी के दिन रावण का संहार किया था.श्रद्धा व विश्वास से उर्जा व शक्ति की देवी दुर्गा की उपासना से आज भी भक्त  शांति और आत्म बल प्राप्त करते हैं.मां दुर्गा के आगमन एवं प्रस्थान को लेकर इस वर्ष अच्छे फल का अंदाज लगाया जा रहा है.माना जा रहा है कि मां दुर्गा इस बार भक्तजनो के लिए खुशियों की सौगात लाएगी और देश की समृद्धि के लिए भी शुभ संकेत है.

भागलपुर,नवगछिया के श्री शिव शक्ति योग पीठाधीश्वर परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के अनुसार इस वर्ष नवरात्रा कलश स्थापना आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा 10 अक्टूबर  बुधवार को होने के कारण शास्त्रानुसार मां दुर्गा का आगमन ‘नौका’ पर है. जिसका फल शुभ होता है और मां दुर्गा भक्तजनो की मनोकामनाएं पूर्ण करेगी.विजयादशमी शुक्रवार  19 अक्टूबर को होने से मां दुर्गा अपने पूरे परिवार के साथ ‘गज’ यानि हाथी पर सवार होकर लौटेगी.जिसका फल शुभ वृष्टि यानि अच्छी बारिश है.जो किसान के साथ साथ देश को समृद्धि प्रदान करने में अहम योगदान करेगी.ऐसे में मां का आगमन जहां भक्तजनों के लिए शुभ संकेत है.वही  प्रस्थान किसानो की खुशहाली के साथ साथ देश में समृद्धि का संकेत है. कुल मिलाकर असुर पर सुर, बुराई पर अच्छाई के विजय का प्रतीक नवरात्रा आत्मसाधना हैं. माँ दुर्गा का आगमन एवं प्रस्थान ‘वार’ यानि दिन से जुड़ी होती हैं.

मां के आगमन में दिन का है महत्व :

यदि रविवार व सोमवार को पूजा प्रारंभ होती है तो माँ दुर्गा हाथी पर, शनिवार व मंगलवार को घोड़ा पर, गुरुवार व शुक्रवार को डोला पर और बुधवार को पूजा प्रारंभ होने पर मां दुर्गा नौका पर सवार होकर आती हैं.इसी प्रकार मां का गज यानि हाथी पर आना पानी की बढ़ोतरी, घोड़ा पर आना युद्ध की आशंका, नौका पर आना मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली होती है.डोली पर आने से आक्रांत रोग, मृत्यु का भय बना रहता है.

मां के प्रस्थान में भी है दिन का महत्व :

रविवार व सोमवार को विजयादशमी होती है तो माँ दुर्गा भैंसा पर,शनिवार व मंगलवार को मुर्गा पर, बुधवार व शुक्रवार को गज पर एवं गुरुवार को नर वाहन पर प्रस्थान करती हैं.इसी प्रकार भैंसा पर प्रस्थान करना शोक का माहौल,मुर्गा पर जन मानस में विकलता, गज पर शुभ वृष्टि, नरवाहन पर शुभ सौख्य होती है.इस बार मां दुर्गा अपने पूरे परिवार के साथ नौका पर सवार होकर आएगी ओर गजराज यानी हाथी  पर सवार होकर लौटेगी.ऐसे में माना जा रहा है की इस बार जो भक्तजन अपनी श्रद्धा, निष्ठा एवं भक्ति से मां की आराधना करेंगे उनका कल्याण होगा.

अद्भुत संयोग :

इस बार नवरात्रि में कई अद्भुत संयोग बन रहे है जो अत्यंत शुभ फल दिलाएंगे.इस साल नवरात्रि पूरे 9 दिनों की है.जो की शुभ संकेत माना जाता है.इस बार 9 दिनों की नवरात्रि में दो गुरुवार आएंगे.यह भी अत्यंत शुभ संयोग है.क्योंकि माना जाता है कि गुरुवार को दुर्गा पूजा का कई गुना शुभ फल मिलता है.जबकि नवरात्रि आरंभ चित्रा नक्षत्र में हो रहा है और नवमी श्रवण नक्षत्र में लग रही है.इस दिन ध्वज योग भी है जो शुभ ही शुभ है.इस बार नवरात्रि के दौरान ग्रहों की स्थिति भी बेहद शुभ है.शुक्र अपने घर में विराजमान है जो की शुभ है.साथ ही राजयोग,द्विपुष्कर योग,अमृत योग के साथ सर्वार्थसिद्धि और सिद्धियोग का संयोग भी बन रहा है.इन संयोग में आराधना फ़लदायी मानी जाती है.

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