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प्रशासनिक खबरों के पीछे है न थकने वाले इंसान की न रूकने वाली अंगुलियां

लाइव खगड़िया : क्षेत्र चाहे जो भी रहा हो, काम दिखना और काम दिखाने में एक बड़ा फासला होता है और यदि कोई पदाधिकारी इस फासले को पाट जायें तो यह उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. हलांकि वक्त बदला है और आज के दौर में विभिन्न माध्यमों से दिखने व दिखाने के बीच की दूरी कम करने की कोशिश भी की जा रही है. लेकिन यह भी एक सच्चाई है कि भले ही ऐसे कार्यों से किसी को सुर्खियां मिल जाये और वे चर्चाओं में रहें, लेकिन जब कभी भी किसी पदाधिकारी के कार्यकाल का आंकलन किया जायेगा तो निश्चय ही पैमाना अलग होगा. मतलब साफ है कि चर्चाओं में रहना और एक बेहतर कार्यकाल दोनों अपनी-अपनी जगह है.

सुर्खियों में तो नहीं रहे हैं लेकिन खामोशी से अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करने वाले एक पदाधिकारी के तौर पर प्रभारी जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी आनंद प्रकाश का नाम लिया जा सकता है. गौरतलब है कि वे जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं और जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी के प्रभार में भी हैं. दोहरी भूमिका निभाते हुए भी वे कभी थकते नहीं और अपने कर्तव्य पथ पर उन्होंने कभी रूकना नहीं सीखा. शायद यह ही वजह रहा है कि अवकाश में रहने के बावजूद भी वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने से पीछे नहीं हटते. कहा तो यहां तक जा रहा है कि कुछ खबरों को तो उन्होंने जिले से बाहर रह कर उस वक्त शब्दों में बदला था जब माहौल मातम का था और वे शोक में थे.

बात बीते रविवार की है और वो अवकाश का दिन था. लेकिन प्राइवेट क्लिनिक व नर्सिंग होम की जांच व निबंधन को लेकर जिलाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन को एवं प्राइवेट स्कूलों को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिये गये निर्देश से संबंधित जानकारी जिला प्रशासन को मीडियाकर्मियों तक पहुंचानी थी. बताया जाता है कि रात के करीब 10.40 बजे उन्हें फोन से इस संदर्भ में सूचना मिलती है और वे फिर मामले को समझते हैं . जिसके बाद तकरीबन 12.30 से 1 बजे के बीच हर बिन्दु को शब्दों में ढ़ाल कर 500-500 शब्दों से अधिक का दो विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति मीडिया ग्रुप पर डलती है. दरअसल यह सिर्फ एक प्रेस विज्ञप्ति ही नहीं बल्कि अवकाश के दिनों में भी किसी जिम्मेदार पदाधिकारी की एक कहानी भी थी, जिसे अमूमन पढ़ा नहीं जाता है.

हलांकि वक्त-बेवक्त प्रशासनिक प्रेस विज्ञप्ति समय पर नहीं मिलने की मीडियाकर्मियों की शिकायते भी सामने आती रही है. लेकिन उसके पीछे की स्थितियों को भी यह मामला स्पष्ट करता है . उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में आनंद प्रकाश के जिले में सांख्यिकी पदाधिकारी के पद पर योगदान दिया और फिर मार्च 2021 में उन्हें जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी का प्रभार मिला. इसके पूर्व वे सारण(छपरा) में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के पद पर अपनी सेवाएं देते आ रहे थे.

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