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आम के पेड़ों पर मंजर देखकर हर्षित हैं खगड़िया के किसान

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लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : ऋतुराज वसंत का शुभ आगमन होते ही आम के टहनियां मंजरों से लदने लगी हैं. आम की मंज़रें वसंत के मंद बयार पर  झूमकर एहसास दिला रही है कि इस बार आम की फसल शानदार होगी. जिससे किसानों के चेहरे खुशी झलक रही है. दूसरी तरफ आम के मंजरें प्राकृतिक सौंदर्यता में चार चांद लगा रही है . 


वसंत ऋतु में वसंत पंचमी, शिवरात्रि तथा होली मनाया जाता है. संगीत में भी एक विशेष राग वसंत के नाम पर बनाया गया है, जिसे  राग वसंत कहते हैं. लेकिन इस मौसम में किसान इस बात से भी डरे होते हैं कि मदमस्त वंसती बयार आंधी में बदली तो मंजर झड़कर धरती पर आ जायेगा. लाही व मधुआ का प्रकोप धीरे-धीरे प्रभाव दिखाने लगा है. नयागांव के किसान वीरेंद्र चौधरी, कुल्हडिया निवासी सदानंद तिवारी, अगुवानी निवासी राकेश सिंह, झंझरा निवासी श्रीकांत सिंह, सोंण्डीया निवासी मिथलेश सिंह, मुन्नी सिंह, महद्दीपुर विशुनदेव सिंह, अररिया निवासी संजय राय, अनिल कुमार आदि ने बताया कि इस बार आम के पेड़ में मंजर अच्छा है और आम का उत्पादन पिछले साल से अधिक होने की संभावना है. 


कृषि सम्यन्वक व मिट्टी जांच प्रयोगशाला खगड़िया में कार्यरत निरंजन कुमार, गोगरी प्रखंड के कृषि सम्यन्वक रवि शंकर कुमार ने बताया है कि अभी आम के पेड़ का मंजर फ़ूल पर है. जिसपर प्रकार का स्प्रे नहीं करना चाहिए. जब मंजर में सरसों के आकार का दाना बनने लग जाए तो कीटनाशक एवं फफूंदी नाशक दवा से स्प्रे किया जा सकता है एवं जब मटर आकार का दाना पेड़ पर दिखाई देने लगो तो प्लानोफिक्स एक एमएल प्रति चार लीटर पानी में मिलाकर छिडकाव किया जा सकता है. जिससे अनावश्यक टिकोले नहीं गिरेंगे. इसके अलावे समय-समय पर आम के पेड़ की सिचाई भी करते रहना चाहिये. आम के फसल पर सबसे अधिक मधुआ कीट का खतरा रहता है. यह भूरे रंग का छोटा-छोटा व्यस्क एवं शिशु दोनों ही पेड़ों की पत्तियों, कोमल टहनियों एवं मंजरों का रस काफी मात्रा में चूसते हैं. बताया जाता है कि जिले में लगभग 15 हजार हेक्टेयर भूमि में आम की खेती होती है.

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