Breaking News

एक पुराने मामले में बरी होने पर पूर्व विधायक के समर्थकों में खुशी की लहर

लाइव खगड़िया : एक पुराने मामले में पूर्व विधायक रणवीर यादव, जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव एवं पूर्व विधायक पूनम देवी यादव को न्यायालय द्वारा बरी किये जाने के बाद उनके समर्थकों की बीच खुशी की लहर दौड़ गई. कोर्ट परिसर में पूर्व विधायक रणवीर यादव के ज्येष्ठ पुत्र सत्येयूवीर तथा युवा जदयू के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष आर्किटेक्ट साम्ब वीर यादव भी मौजूद थे.

कोर्ट के फैसले के बाद जदयू के पूर्व विधायक पूनम देवी यादव के सोमवार को न्यायालय परिसर के बाहर निकलते ही जदयू के जिला अध्यक्ष बबलू कुमार मंडल के नेतृत्व में जदयू कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-माला पहनाया व बधाई दी. वहीं जिला अध्यक्ष बबलू कुमार मंडल ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए पूनम देवी यादव को पार्टी का ईमानदार और समर्पित सिपाही बताया.

मौके पर जदयू के दीपक कुमार सिन्हा, जदयू के जिला उपाध्यक्ष पंकज पटेल, योगेन्द्र सिंह, प्रवक्ता अरविंद मोहन, जिला महासचिव आचार्य राकेश पासवान शास्त्री, उमेश सिंह पटेल, संदीप केडिया, मनोज कुमार सिंह, मानसी प्रखण्ड के अध्यक्ष राजनीतिक प्रसाद सिंह, चन्दन कश्यप, अलौली प्रखण्ड अध्यक्ष लोहा सिंह मुखिया, डॉ संजीव कुमार, मनीष कुमार सिंह, रविश अन्ना, कमल किशोर पटेल, वहादुर मुनी, चन्देश्वरी राम, मोहम्मद बली,हमोहम्मद वासित अली बासो, इंजिनीयर क्याम उद्दीन, मोहम्मद इसराफिल, बुलबुल सिंह, सुनील कुमार बब्लू, कुन्दन कुमार यादव, डिम्पल कुशवाहा, संजय राम, गुंजन सदा, पप्पू सिंह, राजेश राय, मिथुन कुमार, राजेश यादव, राजाराम यादव, रामप्रवेश यादव, रोहित कुमार आदि मौजूद थे.

इधर पूर्व विधायक रणवीर यादव, पूर्व विधायक पूनम देवी यादव, जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव का मामले में बरी होने पर दलित युवा संग्राम परिषद् के प्रदेश अध्यक्ष आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन अंत में सत्य की ही जीत होती है. पूर्व उपाध्यक्ष विनय कुमार बरूण, नगर समाज सेवी अमित कुमार प्रिंस, मनीष कुमार यादव, विनय यादव, केदार चौरसिया, मनोज कुमार चौरसिया, श्रवण चौरसिया, पकरैल के पूर्व पंसस प्रमोद यादव सहित दर्जनों समर्थकों ने मामले में कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए पूर्व विधायक के फैमिली को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है.


               

Check Also

संस्कृत के बिना संस्कृति को बचाना मुश्किल : शंकर शर्मा

संस्कृत के बिना संस्कृति को बचाना मुश्किल : शंकर शर्मा

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: