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NDA : टिकट के रेस में सम्राट की बल्ले-बल्ले,कैसर का बदला सुर




लाइव खगड़िया : रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा का मंत्री पद छोड़ने और एनडीए से नाता तोड़ने के बाद आगामी चुनाव में एनडीए उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर कितना फर्क लाता है यह तो वक्त ही बतायेगा.लेकिन बदले राजनीतिक हालात में आगामी चुनाव में खगड़िया संसदीय सीट से एनडीए के घटक दलों के टिकट की रेस में शामिल संभावी उम्मीदवारों की संभावनाओं पर बड़ा उलटफेर ला सकता है.शायद यही वजह रही है एनडीए से रालोसपा के दूर जाने की खबरों के साथ एनडीए के एक घटक दल लोजपा के सांसद चौधरी महबूब अली कैसर के सुर बदलने लगे हैं.वहीं दूसरी तरफ भाजपा के स्थानीय नेताओं की बांछें खिलता हुआ प्रतीत होने लगा है.

दरअसल रालोसपा सुप्रीमों उपेन्द्र कुशवाहा एनडीए के कुशवाहा वोट बैंक का एक बड़ा चेहरा माने जाते रहे थे.लेकिन उपेन्द्र कुशवाहा के एनडीए से अलग हटने की स्थिति में एनडीए इसकी भरपाई भाजपा के सम्राट चौधरी के राजनीतिक चेहरे को उभार कर पूरी करने की कवायद कर सकती है.ऐसे में खगड़िया संसदीय सीट से भाजपा कोटे से उम्मीदवारी की रेस में शामिल सम्राट चौधरी की दावेदारी और मजबूत हो गई है.



मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यदि अंतिम वक्त में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो सम्राट चौधरी के नाम की महज औपचारिकता ही बांकी है.बावजूद इसके राजनीति के नित्य बनते-बिगड़ते समीकरण के बीच गेंद किस पाले में जाती है यह देखना दीगर होगा.उल्लेखनीय है सम्राट चौधरी जिले के परबत्ता विधान सभा क्षेत्र से विधायक भी रहे हैं.जबकि उनके पिता शकुनी चौधरी समता पार्टी के काल में खगड़िया संसदीय सीट से सांसद भी रह चुके हैं.माना जाता है कि सम्राट चौधरी का जिले के कुशवाहा जाति वोट बैंक सहित युवाओं में अच्छी पकड़ है और इस परिवार का खगड़िया ही राजनीतिक कर्मभूमि रही है.बीते विधान सभा चुनाव में सम्राट च़ौधरी के बड़े भाई एनडीए समर्थित हम के उम्मीदवार भी रहे थे.हलांकि उस च़ुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिल पाई थी और उस वक्त के राजनीतिक हालत भी अलग थे.

दूसरी तरफ खगड़िया संसदीय सीट एनडीए के एक प्रमुख घटक दल भाजपा कोटे में जाने की चर्चाओं के बीच लोजपा के वर्तमान सांसद चौधरी महबूब अली कैसर के सुर बदलने लगे हैं.मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने लोजपा सुप्रीमों को आगामी चुनाव में एनडीए छोड़ महागठबंधन में शामिल होकर चुनावी मैदान में उतरने की नसीहत दे डाली है.साथ ही उन्होंने मोदी सरकार की भी जमकर आलोचना करते हुए कहा है कि नरेन्द्र मोदी की सरकार में पूरे देश में शक का माहौल बन गया है.देश की सत्ता 5-6 लोगों के बीच सिमट गई है.साथ ही उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर भी केन्द्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाया है.ऐसे में राजनीतिक पंडित लोजपा सांसद के ताजा बयान को एनडीए से टिकट पर लगती ग्रहण की संभावनाओं के बीच उनके आगामी चुनाव में पुन: पाला बदलने की तैयारियों के रूप में देख रहे हैं.बहरहाल टिकट के लिए बनते-बिगाड़ते समीकरण के बीच राजनीतिक खेल दिलचस्प हो चला है.



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