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अहले सुबह की पोस्ट पर यूं त्वरित पहल करेंगे डीएम, यह विश्वास नहीं था चंदन को




लाइव खगड़िया : कोरोना के खिलाफ जंग में प्रशासनिक महकमे की व्यस्तता आमजनों से छुपी हुई नहीं है. दिनभर की भाग-दौड़़ की दिनचर्या के बाद हर इंसान रात में थोड़ी आराम चाहता था. लेकिन कहते हैं ना कि यदि कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो फिर रातों में भी आंखों को नींद नहीं आती है. बात यदि कोरोना के खिलाफ जंग में बड़ी जीत हासिल करने जैसे जुनून का हो तो फिर चैन भी छिन जाता है. 

दिन – गुरूवार…वक्त – अहले सुबह 4 बजे. यह वो वक्त था जब जिले का शहर से लेकर गांव तक के लोग नींद की चादर लपेटे हुये थे. ऐसे में ठीक 4 बजकर 05 मिनट पर जिले के एक वाट्सएप ग्रुप पर एक पोस्ट तैरती है. मामला शहर के कोशी कॉलेज में बनाये गये कोरोनटाईन सेंटर में रह रहे एक युवक की पेट में तेज दर्द से तबीयत खराब होने का था. पोस्ट में मरीज की बैचेनी को सेंटर के गार्ड द्वारा अनदेखी किये जाने की बातें उल्लेखित थी. साथ ही युवक का मोबाइल नंबर भी दिया गया था. वाट्सएप ग्रुप पर सूचना पोस्ट होने के महज कुछ मिनटों के बाद रात एक बजे से पेट दर्द से बैचेन युवक के मोबाइल पर एक कॉल आता है और उनसे मामले की जानकारी ली जाती है. 4 बजकर 26 मिनट पर उसी ग्रुप पर सदर अस्पताल प्रबंधक का मैसेज आता है कि एम्बुलेंस चला गया है. जिसके बाद 4 बजकर 37 मिनट पर जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष का पोस्ट आता है कि युवक अस्पताल में भर्ती हो चुका है और उसका इलाज चल रहा है. दरअसल कोरेनटाइन सेंटर में पेट दर्द से बैचेन युवक से डीएम ने ही बात की थी और मामले की पुष्टि होने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य महकमा अहले सुबह हरकत में आया था. बहरहाल सोशल साइट पर अहले सुबह दी गई जानकारी पर संज्ञान लेते हुए त्वरित रूप से पहल करने का यह मामला जिलाधिकारी के कर्तव्यनिष्ठता व कार्यशैली को बयां कर जाता है. 

क्या था मामला !

गुरूवार की अहले सुबह युवा शक्ति के जिलाध्यक्ष चंदन सिंह के मोबाइल पर कोशी कॉलेज में बनाये गये कोरेनटाइन सेंटर में रह रहे एक युवक का फोन आता है और पेट दर्द से काफी बैचेन होने की बात कहते हुए युवक रो पड़ता है. साथ ही उन्हें बैचेनी की जानकारी देने के बाद भी गार्ड द्वारा पहल नहीं किये जाने की बात कही जाती है. कुछ वक्त के बाद युवक के मां का भी फोन युवा शक्ति के नेता के पास आता है और बेटे को सहायता करने की बात कह कर वो भी रो पड़ती है. अहले सुबह का यह मामला युवा शक्ति के नेता को भी असमंजस में डाल जाता  है. अंततः वे मामले को जिले के एक वाट्सएप ग्रुप पर शेयर कर देते हैं और डीएम की पहल पर महज आधा घंटा के अंदर युवक अस्पताल में इलाज करा रहा होता है. मामले पर चंदन सिंह बताते हैं कि उन्हें भी यह विश्वास नहीं था कि अहले सुबह की पोस्ट पर तुरंत जिलाधिकारी की नजर जायेगी और त्वरित रूप से यूं पहल देखने को मिलेगी.

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