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चुनाव के पूर्व ही आमने-सामने परबत्ता की राजनीति के दो चुनावी योद्धा




लाइव खगड़िया : बिहार विधान सभा का चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है वैसे-वैसे जिले की राजनीति पर चुनावी रंग चढना शुरू हो गया है. गठबंधन की राजनीति के दौर में आगामी चुनाव के वक्त प्रमुख गठबंधनों में घटक दलों की स्थित फिलहाल समय के गर्भ में है. लेकिन जिले की राजनीति चुनावी चासनी में हिचकोले खाने लगी है और इसका प्रभाव परबत्ता विधान सभा क्षेत्र में थोड़ा अधिक दिखने लगा है.

दरअसल विगत कुछ दिनों से सोशल साइट पर एक पत्र वायरल हो रहा है. जिसमें एक किशोरी के द्वारा रामानुज चौधरी नामक किसी शख्स पर गंभीर आरोप लगाये गये थे. जिसको लेकर परबत्ता के कुछ स्थानीय जदयू नेताओं ने बीते दिनों एक प्रेस वार्ता आयोजित कर आरोप परबत्ता विधानसभा क्षेत्र के निवर्तमान भाजपा प्रत्याशी रामानुज चौधरी पर मढ़ते हुए प्रशासन से उनपर कार्रवाई की मांग से लेकर भाजपा नेतृत्व से उनके पार्टी से निलंबन की मांग तक रख दिया.




दूसरी तरफ सोमवार से भाजपा के निवर्तमान प्रत्याशी सह प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रामानुज चौधरी  के द्वारा लिखित एक पत्र भी सोशल साइट पर वायरल होने लगा. जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित मामले में चित्रगुप्तनगर कांड संख्या 309/19 की सीबीआई से जांच कराने की मांग करते हुए दोषी साबित होने की स्थिति में फांसी की सजा दिलाने की बात लिखी है. साथ ही उन्होंने खुद को बदनाम करने की साजिश का आरोप जदयू चिकित्सा प्रकोष्ठ के नेता डॉक्टर संजीव कुमार के समर्थकों पर लगाया है.

उल्लेखनीय है कि डॉक्टर संजीव कुमार परबत्ता विधान सभा क्षेत्र के जदयू विधायक आर.एन.सिंह के पुत्र हैं. राजनीतिक गलियारे में चल रही चर्चाओं पर यदि विश्वास करें तो वे आगामी विधानसभा चुनाव में परबत्ता से चुनावी मैदान में नजर आ सकते हैं. जबकि  भाजपा नेता रामानुज चौधरी विगत विधान सभा में परबत्ता से भाजपा के प्रत्याशी रहे थे. उस चुनाव में जदयू व भाजपा अलग-अलग गठबंधन का हिस्सा थे. चुनाव के उपरांत प्रदेश की राजनीति ने करबट बदली और जदयू एक बार फिर एनडीए का हिस्सा बन गई. लेकिन इन दोनों नेताओं का ना तो कभी दिल मिल सका और ना ही हाथ. इस बीच चुनाव के बाद भी भाजपा के निवर्तमान प्रत्याशी रामानुज चौधरी परबत्ता में लगातार अपनी हलचल बनाये रहे. जिसे राजनीतिक पंडित आगामी चुनाव की तैयारियों से ही जोड़कर देखते रहे हैं. दूसरी तरफ जदयू के लिहाज से परबत्ता विधान सभा की सीट उनकी परंपरागत सीट मानी जाती रही है. जिसपर वर्तमान विधायक आर.एन.सिंह का वर्षों से अधिपत्य रहा है. बहरहाल सोशल साइट से उठा यह मामला जिले की राजनीति को किस मोड़ पर ले जाता है, यह देखना दीगर होगा.



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