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टोपो लैंड व नगर परिषद क्षेत्र के शव-दाह गृह का मामला गूंजा सदन में




लाइव खगड़िया : बिहार विधान सभा में मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को खगड़िया विधायक पूनम देवी यादव ने टोपो लैंड से संबंधित सवाल उठाया. वहीं उन्होंने कहा कि खगड़िया सदर व अलौली अंचल के रहीमपुर तथा चातर मौजा के टोपो लैंड में शामिल भूमि का पैमाईश तथा रजिस्ट्री बाधित है. साथ ही राज्य के अन्य अंचलों में भी कुछ ऐसी ही स्थिति है. जबकि सिर्फ खगड़िया अंचल के रहीमपुर मौजा में नौ सौ एकड़ भूमि टोपो लैंड है. जो आजतक असर्वेक्षित भूमि रहा है. इस भूमि के खाता, खेसरा, चौहद्दी इत्यादि साविक जमाने के सर्वे में अभिलिखित नहीं किया जा सका है. इसलिए इस भू-खण्ड में खरीद-बिक्री के लिए आवश्यक विशिष्टियां यथा खाता, खेसरा, रकवा, चौहद्दी एवं पैमाईश धरातल पर निर्धारित नहीं हो पा रहा है. बिहार में वर्ष 2017 से ऐसी भूमि की खरीद-बिक्री पर रोक है. साथ ही विधायक ने राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री से सवाल पूछते हुए कहा कि यदि उत्तर स्वीकारात्मक है तो क्या सरकार टोपो लैंड में शामिल भूमि का पैमाईश तथा रजिस्ट्री शुरू कराने हेतु कोई योजना लाना चाहती है ? यदि नहीं तो क्यों ?




विधायक के सवाल पर भूमि सुधार विभाग के मंत्री ने सवाल को स्वीकारात्मक बताते हुए कहा कि असर्वेक्षित टोपो लैंड की भूमि के संदर्भ में नीतिगत निर्णय के लिए प्रस्ताव विधि विभाग को भेजा गया है. विधि विभाग का मंतव्य और परामर्श  प्राप्त होंने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

दूसरी तरफ खगड़िया विधायक ने नगर परिषद् क्षेत्र अंतर्गत गंडक नदी के किनारे बलुआही घाट पर सोलर पैनलयुक्त आधुनिक शव-दाह गृह का मामला भी सदन में उठाया. वहीं उन्होंने कहा कि इस शव-दाह गृह का निर्माण कार्य  वर्ष 2005 में प्रारंभ हुआ था. जिस पर 54 लाख रूपये खर्च किया जा चुका है. बावजूद इसके अभी तक शव-दाह गृह का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है. साथ ही उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार इस योजना को पूर्ण कराकर चालू कराने तथा योजना में संबंधित लापरवाह संवेदक व पदाधिकारी पर क्या कार्रवाई चाहती है ?


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