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बिना विधिक प्रक्रिया के महिला छात्रावास में प्रवेश अनुचित, छात्राओं में भय का माहौल : SLCMC

लाइव खगड़िया : श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज (SLCMC) परिसर में सोमवार को संस्थान द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्थान के प्रबंधन ने हाल ही में हुई एक अनधिकृत कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया और इसे कानून एवं मानवाधिकारों का उल्लंघन करार दिया।

छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना का आरोप

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए संस्थान के प्रबंधक ईं. धर्मेंद्र ने कहा कि बिना किसी विधिक आदेश या उचित कानूनी प्रक्रिया के महिला छात्रावास में प्रवेश करना और छात्राओं को कमरों में बंद कर पूछताछ करना न केवल नियम विरुद्ध है, बल्कि यह छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसा है।

साथ ही उन्होंने कहा, “इस अनधिकृत कार्रवाई से परिसर में भय का वातावरण उत्पन्न हुआ है, जिससे संस्थान की छवि को गंभीर क्षति पहुँची है। संस्थान हमेशा कानून का सम्मान करता है, लेकिन किसी भी जाँच के लिए विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है।”

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गोपनीयता और सुरक्षा पर मंडराता खतरा

प्रबंधक ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को रेखांकित करते हुए बताया कि संस्थान में देश-विदेश के छात्र-छात्राएँ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बिना अनुमति ऐसी कार्रवाई से छात्रों के नाम, पते और अन्य गोपनीय सूचनाओं के लीक होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी जानकारी आपराधिक गिरोहों तक पहुँचने से अपहरण जैसी गंभीर घटनाएँ घटित हो सकती हैं।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

​संस्थान की ओर से कहा गया कि इस प्रकार की कार्रवाई कानून की जानकारी के अभाव को दर्शाती है। ईं. धर्मेंद्र ने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसे कृत्य करने वाले व्यक्तियों का सरकारी पद पर बने रहना लोकहित के प्रतिकूल है। उन्होंने दोहराया कि संस्थान के लिए सेवा भाव और जनकल्याण सर्वोपरि है।

संस्थान ने स्पष्ट किया कि उन्हें सदैव खगड़िया जिला प्रशासन और पुलिस का सकारात्मक सहयोग मिलता रहा है, लेकिन हालिया घटना में एक महिला पुलिस अधिकारी का व्यवहार अत्यंत निराशाजनक रहा। प्रबंधक ने आरोप लगाया कि उक्त अधिकारी की भाषा और बर्ताव न केवल अमर्यादित था, बल्कि नियम विरुद्ध तरीके से संस्थान में प्रवेश कर रौब जमाना उनकी गलत मंशा को भी दर्शाता है। संस्थान का मानना है कि एक पुलिस अधिकारी के ऐसे गैर-जिम्मेदाराना आचरण से न केवल मेडिकल कॉलेज, बल्कि पुलिस विभाग की छवि भी धूमिल हुई है। प्रेस वार्ता के माध्यम से यह मांग की गई कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि शैक्षणिक वातावरण की गरिमा बनी रहे।

उपस्थिति:

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्य उपस्थित थे:

  • ईं. धर्मेंद्र, प्रबंधक (SLCMC)
  • अमरीष कुमार, मीडिया प्रभारी
  • प्रफुल्ल चंद्र घोष, सदस्य, रोगी कल्याण समिति

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