लाइव खगड़िया: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को खगड़िया में स्वीकृत मेडिकल कॉलेज के निर्माण का मामला प्रमुखता से गूंजा। सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने सदन में इस अति महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाते हुए सरकार से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ कराने की मांग की है।
विधायक ने सदन का ध्यान खगड़िया की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और जिले की भौगोलिक परिस्थितियों की ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण जिले के विकास के लिए बेहद आवश्यक है। इसके शुरू होने से न सिर्फ खगड़िया, बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों को भी सुलभ और बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

जमीन चिह्नित होने के बाद भी निर्माण में देरी क्यों?
विधायक बबलू कुमार मंडल ने सदन को बताया कि खगड़िया राज्य के पिछड़े जिलों में शामिल है और यहां आज भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। हालांकि, जिले में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिल चुकी है और इसके निर्माण के लिए संसारपुर में जमीन भी चिह्नित कर संबंधित विभाग को भेजी जा चुकी है।
बावजूद इसके, अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि निर्माण में हो रही इस अनावश्यक देरी का सीधा और नकारात्मक असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
रेफर की समस्या: गंभीर बीमारी या दुर्घटना के शिकार मरीजों को अक्सर पटना, भागलपुर या अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है।
आर्थिक बोझ: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बाहर जाकर इलाज कराना बेहद कठिन होता है, जिससे कई बार समय पर इलाज न मिलने का जोखिम भी बढ़ जाता है।
सात नदियों से घिरे जिले की भौगोलिक मजबूरी
विधायक ने सदन में खगड़िया की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति का विशेष हवाला दिया। उन्होंने कहा कि खगड़िया सात नदियों से घिरा हुआ जिला है, जहां के सुदूर ग्रामीण एवं दियारा क्षेत्रों के मरीजों को पहले जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि डॉक्टर किसी गंभीर मरीज को पटना या भागलपुर रेफर कर देते हैं, तो मरीज और उसके परिजनों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि खगड़िया में मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल बन जाने से मरीजों की यह लंबी दूरी तय करने की मजबूरी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

आसपास के जिलों को भी मिलेगा सीधा फायदा
विधायक ने उल्लेख किया कि खगड़िया की बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सहरसा, मधेपुरा, दरभंगा, बेगूसराय, भागलपुर और मुंगेर जैसे महत्वपूर्ण जिलों से जुड़ी है। खगड़िया में मेडिकल कॉलेज बनने का लाभ केवल स्थानीय आबादी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पड़ोसी जिलों के मरीज भी यहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। रेल और सड़क मार्ग के जंक्शन पर स्थित होने के कारण यह क्षेत्र चिकित्सा सेवाओं के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है, जिससे अन्य सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का दबाव भी कम होगा।
फरकिया में शिक्षा और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
विधायक बबलू मंडल ने मेडिकल कॉलेज की स्थापना को केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित न रखते हुए इसे शिक्षा और रोजगार से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि इससे ‘फरकिया’ क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी।
युवाओं को अवसर: स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं भटकना पड़ेगा।
रोजगार सृजन: डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य सहायक सेवाओं के आने से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा।
अन्त में, विधायक ने सरकार और संबंधित विभाग से पुरजोर आग्रह किया कि संसारपुर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया को गति दी जाए, ताकि खगड़ियावासियों का यह सपना जल्द से जल्द धरातल पर उतर सके।






