लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र): जिले के परबत्ता प्रखंड के लगार गांव की बहू और बीपीएससी शिक्षिका रागिनी कुमारी ने 70वीं बीपीएससी (BPSC) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट लगन के बल पर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) का पद प्राप्त किया है। रागिनी की इस बड़ी उपलब्धि से उनके मायके सलारपुर (गोगरी) और ससुराल लगार (परबत्ता) दोनों ही जगहों पर खुशी और गौरव का माहौल है।
शिक्षिका के पति भी हैं प्रधानाध्यापक
रागिनी कुमारी के पति हर्ष देव राय शिक्षा जगत से जुड़े हैं और वर्तमान में मध्य विद्यालय शेर में प्रधानाध्यापक (Headmaster) के पद पर कार्यरत हैं। रागिनी की इस सफलता में उनके पूरे परिवार का अटूट सहयोग रहा है।


दरोगा की नौकरी छोड़ी, फिर बनीं शिक्षिका: संघर्षों से भरा रहा है सफर
रागिनी कुमारी बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि की और पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उनका अब तक का करियर बेहद प्रेरणादायक रहा है:
दरोगा पद से इस्तीफा: उन्होंने अपनी काबिलियत के दम पर सबसे पहले बिहार पुलिस में दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) का पद हासिल किया था। हालांकि, कुछ समय सेवा देने के बाद उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया।
शिक्षा के क्षेत्र में कदम: दरोगा की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र को चुना और बीपीएससी शिक्षक परीक्षा उत्तीर्ण कर प्लस टू (+2) स्कूल में शिक्षिका के रूप में योगदान दिया।
अंतिम लक्ष्य RDO: शिक्षिका बनने के बाद भी उनका सपना और बड़ा था। उन्होंने स्कूल की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ अपनी पढ़ाई निरंतर जारी रखी और आखिरकार 70वीं बीपीएससी में सफलता का परचम लहराते हुए आरडीओ (RDO) का पद हासिल कर लिया।
क्षेत्रवासियों में हर्ष, युवाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
रागिनी कुमारी की इस अदभुत सफलता पर परिजनों, शुभचिंतकों और क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
बधाई देने वालों का कहना है
“रागिनी कुमारी की यह सफलता आज के युवाओं, विशेषकर कामकाजी महिलाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक मिसाल है। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर मन में दृढ़ संकल्प हो, तो जिम्मेदारियों के बीच भी बड़े से बड़े लक्ष्य को पाया जा सकता है।”
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