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गोगरी अंचल कार्यालय : नहीं रूक रहा फर्जी केवाला पर दाखिल खारिज कराने का खेल

लाइव खगड़िया : जिले के गोगरी अंचल कार्यालय में फर्जी केवाला के आधार पर दाखिल खारिज कराने का खेल रूक नहीं रहा है और भू-माफियाओं का दुस्साहस सातवें आसमान पर है. उधर भू-स्वामी कार्यालय का चक्कर लगाकर परेशान व हकलान है. ऐसा ही दो और मामला फिर सामने आया है. मामले का आश्चर्यजनक पहलू यह भी है कि दशकों पूर्व स्वर्ग सिधार चुके व्यक्ति हाल के दिनों में भू-माफिया को जमीन बेचने के लिए पृथ्वी लोक पर पहुंच रहे है. जो अंचल कार्यालय के कर्मियों के कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है.

मिली जानकारी के अनुसार गोगरी अंचल कार्यालय में दाखिल खारिज केश नंबर 2571/23-24 एवं 2499/23-24 में भी फर्जी दस्तावेज (केवाला) के आधार पर दाखिल खारिज कराने की कोशिश भू-माफियाओं के द्वारा की जा रही है. हालांकि मामले में भू-स्वामी की तरफ से आपत्ति दर्ज की है. लेकिन सवाल यह भी है कि आये दिन ऐसे मामले सामने आने के बाद भी भू-माफियाओं के हौसले पस्त क्यों नहीं हो रहे हैं और क्या इसमें कार्यालय कर्मियों की भी संलिप्तता है !

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दरअसल दाखिल खारिज केश नंबर 2571/23-24 एवं 2499/23-24 में भू स्वामी के वंशज सरोज कुमार सिंह एवं रवीश कुमार सिंह ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा है कि उनके पूर्वज ने आवेदिका बासमति देवी को यह जमीन बेची ही नहीं है और वे जिस केवाला नंबर 3466 एवं 4837 के आधार पर दाखिल खारिज के लिए आवेदन दिया है, वो दस्तावेज ही फर्जी है. बताया जाता है कि केवाला नंबर 4837 में वास्तविक क्रेता का नाम रीमा देवी है और डीड नंबर 3466 वास्तविक तौर पर सियाराम शर्मा के नाम भोग बंधक पत्र है. जबकि फर्जी दोनों ही दस्तावेज में क्रेता वासमति देवी है और इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर उस जमीन की दाखिल खारिज कराने का आवेदन दिया गया है. वहीं उल्लेख किया गया है कि आवेदिका बासमति देवी ने खाता संख्या 3, खेसरा संख्या 1 का दो केवाला (संख्या 3466, 4837) दाखिल किया है और दोनों का रकवा से लेकर जमीन का चौहद्दी तक एक है. मामले का आश्चर्यजनक पहलू यह भी है कि बासमति देवी का फर्जी केवाला संख्या 3466 वर्ष 1969 का एवं केवाला संख्या 4837 वर्ष 2023 का है.

इधर भू-स्वामी की तरफ से फर्जी दस्तावेज के आधार पर दाखिल खारिज के लिए दिए गए आवेदन को अस्वीकृत करने और आवेदिका बासमति देवी पर कानूनसम्मत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. बहरहाल मामले में गोगरी अंचल पदाधिकारी की कार्रवाई देखना दीगर होगा. उधर गोगरी अंचल कार्यालय में फर्जी दस्तावेज के आधार पर दाखिल खारिज का मामला सुर्खियों में है्.

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