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खोने को कुछ नहीं, किंग मेकर की भूमिका में खुद को साबित करने का अब भी मौका

लाइव खगड़िया : राजनीति संभावनाओं का खेल है और नगर सभापति चुनाव को लेकर शहर की गलियों में कल तक जिन नामों की चर्चाएं तेज थी, वो आरक्षण रोस्टर जारी होते ही भले ही थम सा गया हो, लेकिन चुनाव में इनकी भूमिका को अभी भी कमतर नहीं आंका जा सकता है. वैसे भी पूर्व नगर सभापति मनोहर कुमार यादव एवं भाजपा नेता संजय खंडेलिया को किंग मेकर की भूमिका में ही रहना था. यह अलग बात है कि नगर सभापति का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो जाने के बाद इन दोनों नेताओं की पत्नी चुनावी रेस से बाहर हो गईं हैं. लेकिन नगर के राजनीति के दो चिर प्रतिद्वंद्वी अपने-अपने समर्थक को नगर सभापति की कुर्सी तक पहुंचाने का शायद हर प्रयास करेंगे और उम्मीद की सकती है कि चुनावी खेल की रोचकता बनी रहेगी. वैसे भी अब इस चुनाव में पूर्व नगर सभापति मनोहर यादव एवं भाजपा नेता संजय खंडेलिया के लिए खोने को कुछ नहीं है, लेकिन नगर की राजनीति में अपनी बादशाहत साबित करने का मौका बरकरार है.

दरअसल पूर्व नगर सभापति सह राजद नेता मनोहर कुमार यादव का शहर की राजनीति में विगत 15 सालों से दबदबा रहा है. इस दौरान मनोहर कुमार यादव व उनकी पत्नी सीता कुमारी सभापति की कुर्सी पर आसीन रहे हैं. लेकिन अब आरक्षण रोस्टर ने मनोहर यादव फैमिली के इस सफर पर विराम लगा दिया है. लेकिन एक लंबे वक्त तक शहर की हर राजनीतिक हलचल पर नजर रखने वाले मनोहर कुमार यादव चुनाव के वक्त अपनी आंखें मिंच लेंगे, इसकी संभावना कम लगती है. हलांकि नगर परिषद चुनाव को लेकर उन्होंने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं और एक आम मतदाता की तरह मतदान में भाग लेने की बातें कहते हैं. लेकिन चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ किसी उम्मीदवार के समर्थन में उनके खुलकर सामने आ जाने पर आश्चर्य नहीं होना चाहिए. हलांकि अब उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा बढ़ सी गई है. ऐसे में शहर की स्थानीय राजनीति से वे खुद को अलग कर लें तो यह बड़ी बात होगी.

दूसरी तरफ शहर की राजनीति में अपनी बादशाहत साबित करने को प्रयासरत भाजपा नेता संजय खंडेलिया के लिए भी इस चुनाव में मौका कायम है. हलांकि अब तक वे अपनी पत्नी मीना गुप्ता खंडेलिया को नगर सभापति की कुर्सी तक पहुंचाने की चाहत रखते थे. जिसको लेकर वे वर्षों से तैयारी कर रहे थे और उनके इस मुहिम को संजय खंडेलिया टीम अंजाम तक पहुंचाने के लिए काम कर रही थी. सूत्र बताते हैं कि नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में उनकी टीम एक्टिव थी. जिसमें तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा था. हलांकि आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद मीना गुप्ता खंडेलिया नगर सभापति कुर्सी की रेस से बाहर हो गईं हैं. लेकिन बताया जाता है कि टीम खंडेलिया नगर सभापति के चुनाव में अनुसूचित जाति का उम्मीदवार देगी और भाजपा नेता संजय खंडेलिया किंग मेकर की भूमिका में बने रहेंगे.

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