Breaking News

बिहार पुलिस एसआई सार्जेंट भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, जिले के कई अभ्यार्थी भी चयनित

लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने दारोगा और सार्जेंट के लिए हुई परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है और कुल 2213 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं. जिसमें खगड़िया जिले के भी दर्जनों प्रतिभागी भी सफल रहे हैं.

मिली जानकारी परबत्ता प्रखंड से परबत्ता निवासी शशिभूषण दास की पुत्री प्रतीक्षा कुमारी, करना निवासी राजेंद्र शर्मा के पुत्र धर्मेन्द्र कुमार, कन्हैयाचक निवासी संजय कुंअर के पुत्र मनदीप कुमार, नौरंगा निवासी राम प्रकाश दास के पुत्र प्रेम कुमार, तेमथा निवासी अवधेश यादव के पुत्र सनी कुमार दारोगा पद के लिए चयनित हुए हैं. जबकि चौथम प्रखंड के फर्रेह निवासी विनय कुमार की पत्नी सपना कुमारी, गोगरी प्रखंड के बाबु चकला निवासी मिथिलेश कुमार की पत्नी निशा कुमारी, जमालपुर गोगरी रामपुर रोड निवासी सरोज प्रसाद साह की पुत्री सुप्रिया कुमारी ने भी परीक्षा में बाजी मारी है. बताया जाता है कि धर्मेंद्र कुमार मध्य प्रदेश पुलिस एवं सौरभ कुमार रेलवे ग्रुप डी में कार्यरत हैं.

उल्लेखनीय है कि परीक्षा के लिए फॉर्म 6 अगस्त 2020 से 24 सितंबर 2020 के बीच भरा गया था और कुल सीटों की संख्या 2213 थी. जिसका प्रथम परीक्षा 26 दिसंबर 2021 को लिया गया था और इस परीक्षा का रिजल्ट 02 फरवरी 2022 को जारी किया गया था. जबकि फाइल परीक्षा 24 अप्रैल 2022 को ली गई थी और इसका रिजल्ट 7 मई 2022 को जारी कर दी गई थी. जिसके उपरांत फाइनल मेरिट लिस्ट 14 जुलाई 2022 को जारी किया गया है.

दर्जी का दो पुत्र भी दारोगा पद के लिए चयनित

जिले के गोगरी प्रखंड के मीरगंज गांव निवासी सुखदेव मंडल के पुत्र मुकेश कुमार एवं रूपेश कुमार भी दारोगा पद के लिए चयनित हुए हैं. बताया जाता है कि सुखदेव मंडल दर्जी का काम करते हैं और गरीबी की हालत में भी उन्होंने अपने दोनों पुत्रों की शिक्षा पर ध्यान देते रहे. जिसका सुखद परिणाम सामने आया है और आज उनके दोनों बेटे का चयन दारोगा पद के लिए हो गया है. इस उपलब्धि पर गांव में जश्न का माहौल है और ग्रामीण सफल अभ्यार्थियों सहित उनके पिता सुखदेव मंडल को बधाई दे रहे हैं. सुखदेव मंडल की मानें तो घर की स्थिति काफी खराब थी. बावजूद इसके उन्होंने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से कभी समझौता नहीं किया.

Check Also

संस्कृत के बिना संस्कृति को बचाना मुश्किल : शंकर शर्मा

संस्कृत के बिना संस्कृति को बचाना मुश्किल : शंकर शर्मा

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: