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राष्ट्रीय लोक अदालत में मुकदमा पूर्व 1173 वादों व 161 सूचीबद्ध मामलों का हुआ निष्पादन

लाइव खगड़िया : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा शनिवार को खगड़िया व्यवहार न्यायालय एवं गोगरी अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष कुमुद रंजन सिंह एवं जिलाधिकारी सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के उपाध्यक्ष आलोक रंजन घोष ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में उभय पक्षों की जीत होती है और इसमें वकील पर खर्च नहीं होता व कोर्ट फीस भी नहीं लगता है. साथ ही किसी पक्ष को कोई सजा नहीं होती और सुलभ ढंग से न्याय प्राप्त होता है. यहां का फैसला अंतिम होता है और इस फैसले के खिलाफ कहीं अपील भी नहीं होती है.

इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव समरेंद्र गांधी, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ओम शंकर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार, अमित उपाध्याय, शरद चंद्र कुमार एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण उपस्थित थे. साथ ही जिला विधिक संघ के सचिव महेश सिंह, जिला विधि शाखा के प्रभारी सह वरीय उप समाहर्ता राजन कुमार, प्रभारी सिस्टम पदाधिकारी कर्मशील कुमार, कोर्ट मैनेजर विपिन कुमार सहित सभी संबंधित बैंकों के अधिकारी, सभी पीएलवी, पैनल अधिवक्ता मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव समरेंद्र गांधी ने किया. उद्धाटन के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर बनाए गए विभिन्न न्याय पीठों का निरीक्षण किया.

राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी प्रकार के दीवानी व फौजदारी वादों को उपस्थापित किया गया. इसके अतिरिक्त बिजली, श्रम, टेलीफोन, नीलाम पत्र वाद, भू- अर्जन, बैंक से संबंधित मामले को न्याय पीठ के समक्ष रखा गया तथा आपसी सहमति के आधार पर वाद का निष्पादन किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत में खगड़िया और गोगरी में सूचीबद्ध कुल 1444 मामलों में से 161 निष्पादित किए गए. साथ ही मुकदमा पूर्व 1173 मामलों का शत प्रतिशत निष्पादन किया गया. मुकदमा पूर्व मामलों में 7,35,09,784 की राशि समझौता के तहत जमा की गई. जबकि सूचीबद्ध मामलों में 27,69,000 83 की राशि समझौता के तहत जमा की गई.

वहीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव समरेंद्र गांधी ने बताया कि लोक अदालत में मुकदमा पूर्व 1173 मामलों का शत प्रतिशत निष्पादन करते हुए 7,35,09,784 समझौता राशि जमा कराई गई. साथ ही उन्होंने बताया कि मुकदमा पूर्व 1173 में से 1165 मामले बैंक रिकवरी से एवं 8 मामले बीएसएनएल से संबंधित थे. बैंक रिकवरी से संबंधित 1165 मामले में ₹7,34,93,614 की राशि एवं बीएसएनएल से संबंधित 8 मामले में 16,170 की रकम समझौता राशि के रूप में जमा कराया गया. जबकि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों में सूचीबद्ध कुल 1444 वादों में से 161 वाद निष्पादित किए गए।. जिसमें से सर्वाधिक 1142 मामले आपराधिक शमनीय वाद से संबंधित थे और इसमें से 132 वादों का निष्पादन किया गया.

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से संबंधित 100 में से 4 वादों का निष्पादन करते हुए 25,25,000 की राशि जमा करवाया गया. विद्युत बिल से संबंधित 121 वादों में से 17 वादों का निष्पादन करते हुए 2,24,000 की राशि जमा करवाई गई. माप-तौल से संबंधित 45 वादों में से 4 वादों को निष्पादित करते हुए 20,000 की समझौता राशि के तौर जमा करवाया गया. वैवाहिक विवाद से संबंधित 30 वादों में से 4 वादों का निष्पादन करवाया गया.

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