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राजस्थान में सम्मानित हुए साहित्यकार डॉ कामाख्या चरण मिश्र

लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के परबत्ता प्रखंड के नयागांव निवासी हिंदी के वरिष्ठ लेखक व साहित्यकार डॉ कामाख्या चरण मिश्र को साहित्यिक क्षेत्र महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया है. शुक्रवार को साहित्य – मंडल श्रीनाथ (राजस्थान प्रांत का अग्रणी सांस्कृतिक व शैक्षणिक प्रतिष्ठान) के प्रधान के द्वारा अभिनंदन – पत्र, अंगवस्त्र, उत्तरी, राजस्थानी पगड़ी, मोती की माला, श्रीफल, कलम, श्री नाथ की फरेमिंग की हुई सुंदर तस्वीर एवं श्रीनाथजी की प्रसाद के साथ सम्मानित किया गया. साथ ही हितेश कुमार शर्मा ( बिजनौर) के द्वारा भी उन्हें दो हज़ार एक सौ रुपये की राशि से पुरस्कृत किया गया.




इस अवसर पर डॉ मिश्र के द्वारा रचित “महाकवि जानकीवललभ शास्त्री : गीत – कला’ और ‘सूनी डाल, महकते फूल’ पुस्तक का भी विमोचन किया गया. साथ ही उन्हें कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूम में शामिल होने का भी गौरव प्राप्त हुआ.

उल्लेखनीय है कि डॉ कामाख्या चरण मिश्र की निबंध, आलेख, एकांकी, नाटक बिहार के प्रसिद्ध पत्र – पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुका है. जिनमें प्रिय प्राण मानस का रस, आचार्य कविश्री जानकी वल्लभ शास्त्री जी के गीतों का शास्त्रीय अध्ययन, कंदर्प -कामिनी, कंटीला रास्ता, सूनी डाल महकते फूल (नेटवर्किंग विवाह का दर्द), महात्मा गांधी के ग्यारह व्रत, बापू वचन- सुधा, ‘महाकवि जानकी बल्लभ शास्त्री : गीत -कला’ जैसे कृति शामिल हैं.

साहित्यकार डाॅ. कामाख्या चरण मिश्र के राजस्थान में सम्मानित होने पर व्यंग्यकार विनोद कुमार ने कहा है कि यह जिले के लिए गर्व की बात है. जबकि कवि व गीतकार विकास सोलंकी ने कहा है कि  आलोचक, लेखक व कवि कामाख्या चरण मिश्र को साहित्य में उत्कृष्ट सेवा के लिए साहित्य-मण्डल, श्रीनाथ द्वारा राजस्थान में हिन्दी साहित्य भूषण की मानद उपाधि से विभूषित किया जाना परबत्ता प्रखंड ही नहीं बल्कि जिले के लिए गौरव की बात है. ज्ञात हो कि उनका प्रकाशित एवं अप्रकाशित लगभग एक दर्जन पुस्तकें हैं. जिनमें प्रमुख रूप से बापू वचन-सुधा, महात्मा गांधी के ग्यारह व्रत, महाकवि जानकीवल्लभ शास्त्री : गीत कला अत्यंत प्रशंसनीय रहा है.



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