लाइव खगड़िया: बेगूसराय जिले में एक भीषण सड़क हादसे में मधेपुरा जिले के तीन थानाध्यक्षों (एसएचओ) और उनके कार चालक की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे साहेबपुरकमाल के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर हुआ, जहां उनकी तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। तीनों अधिकारी पटना के राज्य पुलिस मुख्यालय (सरदार पटेल भवन) में आयोजित दो दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण से लौट रहे थे।
प्रशिक्षण के बाद रात में मधेपुरा लौट रही थी टीम
पुलिस मुख्यालय में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के विशेषज्ञों द्वारा ‘क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग सिस्टम (CCTNS) 1.0’ के तहत थानाध्यक्षों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इसका उद्देश्य एफआईआर, चार्जशीट और जांच रिपोर्ट को डिजिटल कर थानों के डेटा को कोर्ट, जेल और फोरेंसिक लैब से जोड़ना था।
10 और 11 जून को चले इस दो दिवसीय प्रशिक्षण के बाद, गुरुवार (11 जून) की शाम करीब 6:30 बजे तीनों थानाध्यक्ष निजी चालक ज्योतिष कुमार के साथ कार से मधेपुरा के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में ही वे इस भयावह हादसे का शिकार हो गए।

हादसे के शिकार हुए जांबाज पुलिस अधिकारियों का परिचय

इस दुर्घटना ने मधेपुरा पुलिस महकमे और पीड़ित परिवारों को गहरा सदमा दिया है। जान गंवाने वाले अधिकारियों और चालक का विवरण इस प्रकार है:
ज्ञानेंद्र अमरेंद्र (थानाध्यक्ष, अरार): ये 2009 बैच के सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) थे। कटिहार जिले के मनिहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत आजमनगर के रहने वाले योगेंद्र प्रसाद यादव के पुत्र ज्ञानेंद्र बेहद सरल स्वभाव के थे। वे सितंबर 2025 से अरार थाने में तैनात थे। उनका 17 साल का एक बेटा है। गर्मी की छुट्टियों में पत्नी और बेटा उनसे मिलने अरार आए हुए थे। हादसे की खबर मिलते ही दोनों बेगूसराय के लिए रवाना हो गए।
साजन कुमार पासवान (थानाध्यक्ष, रतवारा): आलमनगर प्रखंड के रतवारा थाने के अध्यक्ष साजन कुमार पासवान 2018 बैच के दारोगा थे। कैमूर जिले के भभुआ निवासी लक्ष्मण पासवान के पुत्र साजन की अभी शादी नहीं हुई थी। वे अगस्त 2025 से इस पद पर कार्यरत थे।
नीरज कुमार (थानाध्यक्ष, बेलारी): 2018 बैच के दारोगा नीरज कुमार को महज एक सप्ताह पहले ही बेलारी थाने की कमान सौंपी गई थी। गया जिले के मूल निवासी नीरज का पूरा परिवार डेहरी-ऑन-सोन में रहता है, जहां उनके पिता शारदा पासवान रेलवे में कार्यरत हैं। मधेपुरा में पोस्टिंग के बाद नीरज पिछले एक साल से उदाकिशुनगंज थाने में तैनात थे। हाल ही में उनकी पत्नी और एक साल का मासूम बेटा भी उनके साथ उदाकिशुनगंज में रह रहे थे।
ज्योतिष कुमार (निजी चालक): कार चला रहे ज्योतिष कुमार उदाकिशुनगंज थाने के निजी चालक मनोज पासवान के पुत्र थे।
10 जून की अलसुबह पटना के लिए निकले थे सभी
घटनाक्रम के अनुसार, 10 जून की अलसुबह करीब 4 बजे अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र और रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान उदाकिशुनगंज पहुंचे थे। वहां से वे बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार की कार में सवार हुए और चालक ज्योतिष कुमार को साथ लेकर पटना के लिए रवाना हुए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि प्रशिक्षण पूरा कर लौटते वक्त नियति को कुछ और ही मंजूर था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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