Breaking News
Poster 2026 06 07 104217

खगड़िया की बेटी श्रेया सिन्हा सुप्रीम कोर्ट लीगल एड कमिटी में एम्पैनल, क्षेत्र में खुशी की लहर

लाइव खगड़िया : जिले के गोगरी क्षेत्र का मान राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है। गोगरी की मूल निवासी श्रेया सिन्हा और उनके पति अमृतेश राज सिंह को सुप्रीम कोर्ट मिडिल इनकम ग्रुप लीगल एड कमिटी (Supreme Court Middle Income Group Legal Aid Committee) में बतौर अधिवक्ता एम्पैनल (शामिल) किया गया है। कानून के क्षेत्र में इसे देश के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी जाने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित उपलब्धि माना जा रहा है।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा

श्रेया सिन्हा गोगरी (खगड़िया) के प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह स्वर्गीय परमेश्वर प्रसाद सिन्हा की पोती और श्री शंकर प्रशांत सिन्हा की पुत्री हैं। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान अमिटी लॉ स्कूल, दिल्ली से बी.ए.-एलएलबी (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की है। अपनी इस उपलब्धि से उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार का, बल्कि पूरे खगड़िया जिले और बिहार राज्य का नाम रोशन किया है।

शानदार रहा है पेशेवर सफर

श्रेया सिन्हा के पास कानूनी क्षेत्र का एक लंबा और बेहतरीन अनुभव है। वह वर्तमान में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रही हैं:

सरकारी प्रतिनिधित्व: वह सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार की वकील होने के साथ-साथ दिल्ली हाईकोर्ट में भारत सरकार की सीनियर पैनल काउंसल भी हैं।

संस्थानों में कानूनी सलाहकार: वह बिहार स्टेट फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन (BSFC) की लीगल कंसल्टेंट हैं। इसके अलावा, वह सिडबी (SIDBI) और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (DFCCIL) जैसे बड़े सरकारी संस्थानों के लिए पैनल काउंसल के रूप में कार्यरत हैं।

महिला सुरक्षा व सामाजिक सरोकार: श्रेया सिन्हा ने कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न को रोकने के लिए बनी POSH कमिटी (विशाखा गाइडलाइंस के तहत आंतरिक शिकायत समिति) में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। वह बिहार स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और नेशनल बुक ट्रस्ट जैसी संस्थाओं में इस कमिटी की सदस्य रह चुकी हैं।

जरूरतमंदों को मिलेगा मुफ्त कानूनी न्याय

सुप्रीम कोर्ट की लीगल एड कमिटी में शामिल होने के बाद अब श्रेया सिन्हा और अमृतेश राज सिंह उन जरूरतमंद और मध्यम आय वर्ग के लोगों को मुफ्त और सुलभ कानूनी सहायता प्रदान कर सकेंगे, जो महंगे वकीलों की फीस वहन करने में असमर्थ हैं।
श्रेया सिन्हा की यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, योग्यता और पेशेवर निष्ठा का परिणाम है। गोगरी जैसे छोटे क्षेत्र से निकलकर देश की सर्वोच्च अदालत और दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी मजबूत पहचान बनाना युवाओं, खासकर बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर खगड़िया और गोगरी वासियों समेत विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने श्रेया सिन्हा और उनके पति अमृतेश राज सिंह को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

Check Also

Poster 2026 05 21 044459

गोगरी-जमालपुर को जलजमाव से मिलेगी मुक्ति : ₹237.69 करोड़ की ड्रेनेज योजना को तकनीकी मंजूरी, बुडको ने भेजी डीपीआर

गोगरी-जमालपुर को जलजमाव से मिलेगी मुक्ति: ₹237.69 करोड़ की ड्रेनेज योजना को तकनीकी मंजूरी, बुडको ने भेजी डीपीआर

error: Content is protected !!