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डिजिटल लोकतंत्र की सशक्त आवाज़ : WJAI के सात वर्षों का गौरवशाली सफर

लाइव खगड़िया : भारत में पत्रकारिता का स्वरूप सूचना की गति के साथ तेजी से बदला है। ‘कागज से स्क्रीन’ तक की इस क्रांतिकारी यात्रा में वेब पत्रकारिता ने न केवल संवाद के तरीके बदले, बल्कि लोकतंत्र को एक नया विस्तार दिया। इस परिवर्तनकारी दौर में वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) के सात वर्ष डिजिटल पत्रकारिता के संघर्ष, पहचान और वैश्विक स्वीकृति की एक अनूठी गाथा पेश करते हैं।

​संघर्ष से सम्मान तक की नींव

एक समय था जब वेब पत्रकारिता को हाशिये पर रखा जाता था—न कोई संस्थागत मान्यता थी और न ही सुरक्षा। इसी शून्यता को भरने और वेब पत्रकारों को एक छत के नीचे लाने के लिए सात वर्ष पूर्व WJAI की नींव रखी गई। यह संगठन केवल एक समूह नहीं, बल्कि डिजिटल पत्रकारों के आत्मसम्मान की लड़ाई का प्रतीक बनकर उभरा।

​संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल के अनुसार:

“वेब पत्रकारिता आज सूचना का सबसे प्रभावी माध्यम है। हमारा उद्देश्य केवल संगठन बनाना नहीं, बल्कि पत्रकारों को सम्मान, सुरक्षा और जवाबदेही के साथ सशक्त करना है। डिजिटल मीडिया अब लोकतंत्र की रीढ़ है।”

​यात्रा के तीन ऐतिहासिक मील के पत्थर

WJAI के इन सात वर्षों के सफर को इन तीन प्रमुख आयोजनों के माध्यम से समझा जा सकता है, जिन्होंने संगठन को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित किया.

2023

पटना (होटल पानाश)

वेब पत्रकारिता पर गंभीर विमर्श की शुरुआत। मंत्रियों और वरिष्ठ पत्रकारों की उपस्थिति में डिजिटल मीडिया के अधिकारों पर पहली बार बड़े स्तर पर मंथन हुआ।

2025

नई दिल्ली (ब्लू रेडिसन)

भारतीय क्रिकेट दिग्गज सुनील गावस्कर की उपस्थिति ने वेब मीडिया को ‘मुख्यधारा’ की श्रेणी में ला खड़ा किया। यहाँ से डिजिटल मीडिया को वैश्विक पहचान मिली।

2025 (दिसंबर)

भागलपुर

पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे, ब्रजेश सिंह और प्रो. संजय द्विवेदी जैसे दिग्गजों की मौजूदगी। इसने साबित किया कि डिजिटल पत्रकारिता अब लोकतांत्रिक विमर्श का अनिवार्य हिस्सा है।

भविष्य की चुनौतियाँ और संगठन की भूमिका

​इन सात वर्षों में WJAI केवल आयोजनों तक सीमित नहीं रहा। संगठन ने निम्नलिखित क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाई है:

  • पत्रकार सुरक्षा: उत्पीड़न के खिलाफ प्रशासन से सीधा संवाद और कानूनी सहायता।
  • प्रशिक्षण एवं एथिक्स: फेक न्यूज़ के दौर में डिजिटल एथिक्स और जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए कार्यशालाएं।
  • डिजिटल अधिकार: सरकार और नीति निर्माताओं के बीच वेब पत्रकारों की आवाज़ को मजबूती से उठाना।

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