लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले में एक महिला प्रशासनिक अधिकारी और महिला चिकित्सक के बीच उपजा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कशिश के साथ गोगरी की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) साक्षी कुमारी द्वारा कथित तौर पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और धमकी देने का मामला सामने आया है। इस घटना के विरोध में गुरुवार को जिले के स्वास्थ्य कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य किया और दोषी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 18 फरवरी 2026 की है। गोगरी अनुमंडल के नयागांव पचखुट्टी में महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रसाद खाने से कई ग्रामीण बीमार हो गए थे। सूचना मिलते ही डॉ. कशिश अपनी मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुँचीं और बीमार लोगों का उपचार शुरू किया। गंभीर रूप से बीमार 5-6 मरीजों को एंबुलेंस से तत्काल परबत्ता सीएचसी में भर्ती कराया गया।
आरोप है कि इसी दौरान अनुमंडल प्रशासन के निर्देश पर डॉ. कशिश पुनः घटनास्थल और बाद में परबत्ता थाना पहुँचीं। वहां थाना प्रकोष्ठ में मौजूद डीएसपी गोगरी साक्षी कुमारी ने अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में डॉ. कशिश के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। शिकायत में कहा गया है कि डीएसपी ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उन्हें नौकरी छोड़ने तक की धमकी दे डाली।

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) का कड़ा रुख
इस घटना से मानसिक रूप से आहत डॉ. कशिश ने बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) को लिखित शिकायत दी है। भासा की खगड़िया इकाई ने जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। संघ ने अपने पत्र में डीएसपी की कार्यशैली को “तानाशाही” करार देते हुए उनके विरुद्ध कठोर विभागीय और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है।
संघ की चेतावनी: भासा ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते विधि-सम्मत कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को ठप करने जैसा कड़ा निर्णय लेने के लिए बाध्य होगा।
प्रशासनिक हलचल
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी प्रतिलिपि स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग के सचिव और आईएमए (IMA) बिहार को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि जब तक चिकित्सा पदाधिकारी सुरक्षित और सम्मानित महसूस नहीं करेंगे, तब तक वे निर्भीक होकर जनता की सेवा नहीं कर पाएंगे।
इस पूरे प्रकरण पर गोगरी डीएसपी साक्षी कुमारी का भी पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार प्रेषण तक उनसे संपर्क नहीं हो सका। दूसरी तरफ मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से भी उस वक्त तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था.






