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परबत्ता

अगुवानी-सुल्तानगंज पुल: मई 2027 तक सुपर स्ट्रक्चर और नवंबर तक आवागमन शुरू करने का लक्ष्य

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लाइव खगड़िया : उत्तर और दक्षिण बिहार की दूरियां मिटाने वाले सुल्तानगंज-अगुवानी फोरलेन पुल परियोजना को लेकर बिहार सरकार अब पूरी तरह सख्त नजर आ रही है। शनिवार को बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने हेलीकॉप्टर से अगुवानी गंगा घाट पहुंचकर निर्माणाधीन पुल का स्थल निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति का जायजा लिया।

निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और निर्माण एजेंसी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। गौरतलब है कि मुख्य सचिव का तीन महीने के भीतर यह दूसरा दौरा है. इससे पहले उन्होंने 13 दिसंबर 2025 को भी स्थल निरीक्षण किया था।

निर्माण एजेंसी को सख्त अल्टीमेटम

​बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निर्माण कंपनी को स्पष्ट निर्देश देते हुए कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निम्नलिखित समय-सीमा (Deadlines) निर्धारित की हैं:

  • दिसंबर 2026 तक: भागलपुर की ओर 4 किमी और खगड़िया की ओर 16 किमी फोरलेन एप्रोच रोड का काम पूरा करना होगा।
  • मई 2027 तक: गंगा नदी पर बन रहे मुख्य पुल का सुपर स्ट्रक्चर कार्य हर हाल में पूर्ण होना चाहिए।
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डिजाइन और पर्यटन पर विशेष जोर

खगड़िया जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने पत्रकारों को बताया कि पुल के अंतिम डिजाइन को जल्द ही स्वीकृति दिलाकर निर्माण कंपनी को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि नवंबर 2027 तक यह पुल आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

DM ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि अगुवानी गंगा घाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है। पुल की मॉनिटरिंग खुद मुख्य सचिव साप्ताहिक स्तर पर कर रहे हैं।

मौके पर मौजूद अधिकारी

पुल निर्माण निगम के एमडी जितेंद्र कुमार, एसपी सिंगला कंपनी के इंजीनियर, खगड़िया एसपी राकेश कुमार, गोगरी एसडीओ संजय कुमार, एसडीपीओ साक्षी कुमारी और सीओ हरिनाथ राम सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

उत्तर-दक्षिण बिहार को जोड़ेगा विकास का सेतु – विधायक

मौके पर उपस्थित परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य ने परियोजना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर और दक्षिण बिहार के लोगों के ‘अच्छे दिन’ अब करीब हैं। उन्होंने कहा, “मुख्य सचिव की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग से कार्य को गति मिली है। यह पुल न केवल आवागमन सुगम करेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। यह क्षेत्र के चौमुखी विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।”

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