लाइव खगड़िया : बिहार विधानसभा की पर्यटन उद्योग समिति की समीक्षा बैठक में सोमवार को खगड़िया जिले के विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। बैठक में खगड़िया सदर के विधायक बबलू कुमार मंडल ने जिले की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिस पर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य: जलजमाव का स्थायी समाधान और मेडिकल कॉलेज
16.76 करोड़ की ड्रेनेज योजना: सदर अस्पताल में बारिश के दौरान होने वाले जलजमाव की गंभीर समस्या को देखते हुए बीएमआईसीएल (BMSICL) द्वारा 16 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किया गया है। बीएमआईसीएल के महाप्रबंधक विजय कुमार ने बताया कि यह डीपीआर तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया में है और मंजूरी मिलते ही टेंडर जारी कर काम शुरू कर दिया जाएगा।
अतिरिक्त सर्जन की मांग: विधायक ने अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक अतिरिक्त सर्जन की नियुक्ति की मांग की, ताकि मरीजों को बाहर रेफर न करना पड़े।
मेडिकल कॉलेज पर अपडेट: अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि खगड़िया मेडिकल कॉलेज परियोजना पर जल्द ही काम शुरू होने वाला है, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने संतोष व्यक्त किया।
शिक्षा: बुनियादी ढांचे में सुधार और अतिक्रमण पर कड़ा रुख
उत्क्रमित विद्यालयों में भवन निर्माण: विधायक बबलू मंडल ने उठाया कि जिन स्कूलों को उत्क्रमित (अपग्रेड) किया गया है, वहां कमरों की कमी के कारण पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। इस पर समिति के सभापति मनोरंजन सिंह ने विभागीय अधिकारियों को पूरे बिहार में ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर तत्काल भवन निर्माण शुरू करने का निर्देश दिया।
भू-दाताओं को सम्मान और भूमि पैमाइश: विद्यालयों की अतिक्रमित भूमि की पैमाइश कराने और स्कूलों के लिए जमीन दान करने वाले भू-दाताओं का नाम विद्यालय भवनों पर स्पष्ट रूप से अंकित करने की मांग की गई।
स्वच्छ पेयजल: छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिले के प्रत्येक स्कूल में बोरिंग और आरओ (RO) सिस्टम स्थापित करने की मांग रखी गई।
“जनता से जुड़े हर मुद्दे को विधानसभा से लेकर विभागीय स्तर तक मजबूती से उठाता रहूंगा, ताकि खगड़िया को विकास की नई पहचान मिल सके।”
— बब्लू कुमार मंडल, विधायक (खगड़िया सदर)
इस महत्वपूर्ण बैठक में समिति के सभापति मनोरंजन सिंह, सूर्यगढ़ा विधायक रामानंद मंडल सहित विभिन्न विभागों (शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व एवं भूमि सुधार) के आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।






