लाइव खगड़िया : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आज एक और बड़ी सफलता हासिल की है। बेगूसराय स्थित सहायक नियंत्रक माप-तौल कार्यालय में तैनात लिपिक (क्लर्क) पुष्कर कुमार द्विवेदी को ब्यूरो की टीम ने ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उनके ही कार्यालय कक्ष से की गई है।
दुकान के लाइसेंस रिन्यूअल के नाम पर मांगी थी घूस
मिली जानकारी के अनुसार, बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हेमरा निवासी उमेश साह ने इस संबंध में निगरानी ब्यूरो के पटना मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी उमेश साह का आरोप था कि उनकी दुकान के लाइसेंस का माप-तौल विभाग से नवीनीकरण (रिन्यूअल) कराने के एवज में लिपिक पुष्कर कुमार द्विवेदी द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी।
जांच में सही पाया गया आरोप
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का गुपचुप तरीके से सत्यापन कराया। जांच के दौरान क्लर्क द्वारा रिश्वत मांगे जाने के प्रमाण सही पाए गए। मामला सही मिलने पर 22 मई 2026 को निगरानी थाना में कांड संख्या- 062/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
डीएसपी पवन कुमार के नेतृत्व में बिछाया गया जाल
आरोपी को पकड़ने के लिए निगरानी ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पवन कुमार-II के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (छापामार टीम) का गठन किया गया। सोमवार, 25 मई को जैसे ही परिवादी ने क्लर्क पुष्कर कुमार द्विवेदी को ₹5,000 की रकम थमाई, पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस की टीम ने उसे दबोच लिया।
निगरानी ब्यूरो के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भागलपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में पेश किया जाएगा। मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।
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