लाइव खगड़िया : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य ने अपने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से सदन के पटल पर रखा। विधायक ने मुख्य रूप से कपसिया–बिरवास के बीच कोसी नदी पर स्थायी आरसीसी (RCC) पुल के निर्माण और गोगरी-मानसी में भूमि स्वामित्व के संकट को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।
कोसी पर स्थायी पुल से नेपाल तक का सफर होगा आसान
विधायक बाबूलाल शौर्य ने कपपिसा और बिरवास के बीच कोसी नदी पर एक स्थायी आरसीसी पुल के निर्माण की जोरदार मांग की। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि वर्तमान में क्षेत्र की एक बड़ी आबादी पीपा पुल के सहारे आवागमन करने को मजबूर है, जो विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव के प्रयासों की देन है।
उन्होंने पुल के सामरिक और आर्थिक महत्व पर जोर देते हुए कहा:
- सीधा संपर्क: इस पुल के बनने से भागलपुर, खगड़िया और मधेपुरा जिलों के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल तक का सीधा और सुगम संपर्क स्थापित हो जाएगा।
- सर्वांगीण विकास: स्थायी पुल बनने से न केवल आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई गति मिलेगी।
दशकों से बसे परिवारों को नहीं मिली जमीन की रसीद
पुल निर्माण के साथ ही विधायक ने नगर परिषद गोगरी और नगर पंचायत मानसी में पिछले कई दशकों से रह रहे भूमिहीन परिवारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि सैकड़ों परिवार वर्षों से काबिज होने के बावजूद अब तक अपनी जमीन की रसीद प्राप्त नहीं कर सके हैं।
”जमीन की रसीद न होने के कारण पात्र गरीब परिवार ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। मूलभूत सुविधाओं और कानूनी अधिकारों से वंचित इन लोगों को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।” — बाबूलाल शौर्य, विधायक
सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील
विधायक ने सरकार से मांग की कि भूमि रसीद निर्गत करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि पात्र परिवारों को जल्द से जल्द आवास योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनहित के इन कार्यों को अविलंब प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
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