लाइव खगड़िया : प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर भूकंप जैसी आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के निर्देशानुसार, जिले में 25 और 26 फरवरी को दो दिवसीय व्यापक भूकंप परिदृश्य आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
जिलाधिकारी द्वारा जारी संयुक्तादेश के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को परखना और राहत-बचाव कार्यों की गति को तेज करना है।
दो दिनों का विस्तृत कार्यक्रम
- प्रथम दिवस (25 फरवरी): टेबल टॉप एक्सरसाइज समाहरणालय सभागार में सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक वरीय अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें भूकंप की काल्पनिक स्थिति मानकर संसाधन प्रबंधन और त्वरित सूचना तंत्र की रणनीति पर मंथन किया जाएगा।
- द्वितीय दिवस (26 फरवरी): फील्ड मॉक एक्सरसाइज सुबह 8:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक जिले के 5 चिन्हित स्थलों पर वास्तविक ड्रिल होगी।
इन केंद्रों पर होगा लाइव अभ्यास
प्रशासन ने ड्रिल के लिए निम्नलिखित स्थलों का चयन किया है:
- सदर अस्पताल, खगड़िया
- कोशी कॉलेज, खगड़िया
- ऑफिसर कॉलोनी, संसारपुर
- जवाहर इंटर विद्यालय, महेशखूँट (गोगरी)
- प्रखंड कार्यालय, गोगरी
13 विशेष कोषांगों का गठन
मॉक ड्रिल के सफल संचालन के लिए 13 अलग-अलग कोषांग (Cells) बनाए गए हैं। इनमें खोज एवं बचाव (Search & Rescue), मलवा सफाई, सामुदायिक रसोई, पेयजल, पशु राहत और मीडिया मॉनिटरिंग कोषांग प्रमुख हैं। कृषि उत्पादन बाजार समिति को मुख्य राहत शिविर और आश्रय स्थल बनाया गया है, जहाँ घायलों और विस्थापितों के लिए भोजन और चिकित्सा की मॉक व्यवस्था होगी।
अफवाहों पर रहेगी पैनी नजर
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) को मुख्य नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। मीडिया मॉनिटरिंग सेल हर दो घंटे पर अद्यतन जानकारी साझा करेगा ताकि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाह न फैले।
जिलाधिकारी की अपील: > जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि वे मॉक ड्रिल के दौरान घबराएं नहीं और शांति बनाए रखें। यह केवल एक अभ्यास है ताकि भविष्य में किसी भी वास्तविक आपदा के समय प्रशासन आपकी सुरक्षा बेहतर ढंग से कर सके।






