लाइव खगड़िया : क्या एक मोबाइल गेम किसी हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर सकता है? उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के साहिबाबाद से आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने इस सवाल को एक डरावनी हकीकत में बदल दिया है। यहाँ तीन मासूम बहनों (उम्र 16, 14 और पाखी 12 वर्ष) ने नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
आखिर क्या था उस सुसाइड नोट में?
पुलिस को मौके से 8 पन्नों की एक डायरी मिली है, जिसमें रोती हुई इमोजी के साथ लिखा था— “सॉरी पापा, आई एम रियली सॉरी।” नोट में जो बातें सामने आईं, वे किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकती हैं:
- पहचान का संकट: लड़कियों ने खुद को पूरी तरह कोरियन संस्कृति में ढाल लिया था। उन्होंने अपने नाम तक बदलकर ‘मारिया’, ‘अलीजा’ और ‘सिंडी’ रख लिए थे।
- सांस्कृतिक टकराव: सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि वे खुद को ‘कोरियन’ मानती हैं और किसी भारतीय से शादी नहीं कर सकतीं।

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कैसे शुरू हुआ मौत का यह ‘गेम’?
मृतक लड़कियों के पिता के अनुसार, तीनों बहनें पिछले दो साल से एक कोरियन लव गेम की आदी थीं। यह लत इतनी गहरी थी कि:
- उन्होंने स्कूल जाना छोड़ दिया था।
- दिन भर मोबाइल में डूबी रहती थीं।
- जब पिता ने उनसे मोबाइल छीन लिया, तो वे छिपकर माता-पिता के फोन इस्तेमाल करने लगीं।
”यह सिर्फ एक गेम नहीं है, बल्कि एक मानसिक जाल है जो किशोरों को वास्तविकता से काटकर एक काल्पनिक दुनिया में कैद कर देता है।” — मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों की राय
सावधान! क्या आपके घर में भी है यह खतरा?
यह घटना हर माता-पिता के लिए एक वेक-अप कॉल है। इंटरनेट के इस दौर में अगर आप इन संकेतों को देख रहे हैं, तो सतर्क हो जाएं:

गाजियाबाद की यह घटना हमें याद दिलाती है कि डिजिटल दुनिया की चमक-धमक के पीछे गहरे अंधेरे भी छिपे हैं। बच्चों की सुरक्षा केवल उनके हाथ में फोन न देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य को समझना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
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