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जयंती पर याद किये गए नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, बच्चों ने बनाई रंगोली

लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के परबत्ता प्रखंड के पिपरालतीफ पंचायत के उच्चतर माध्यमिक मकतब इस्लामपुर में स्कूली छात्रा ने नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जन्मदिवस पर रंगोली बनाया. वहीं स्कूल के प्रधानाध्यापक मोहम्मद रियाजउद्दीन ने बच्चों को चेतना सत्र के‌‌ दौरान नेता जी के बारे में विस्तृत से जानकारी देते हुए बताया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म ओडिशा के कटक में 23 जनवरी 1897 को हुआ था और‌ इस वर्ष नेताजी की 127वीं जयंती मनाई जा रही है.नेताजी के पिता का नाम जानकीनाथ बोस और माता का नाम प्रभावती देवी था. नेताजी ने आजाद हिन्द फौज की स्थापना की थी. नेताजी की मृत्यु 18 अगस्त 1945 को विमान हादसे में मानी जाती है. लेकिन इसका कोई पुख्ता सबूत मौजूद नहीं है. नेताजी ने सन 1920 में इंग्लैंड में सिविल सर्विस पास की थी. जिसमें उन्होंने चौथी रैंक हासिल की थी. लेकिन देश की आजादी के लिए उन्होंने इस पद का त्याग कर दिया और आंदोलन में कूद पड़े. नेताजी ने भारत की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका को निभाई और युवाओं में आजादी के लिए लड़ने का जज्बा पैदा किया. नेताजी ने आजादी के लिए जय हिन्द, तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा, चलो दिल्ली जैसे नारे दिए. जिन्होंने युवाओं में आजादी के लिए प्रेरणा का काम किया. वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिन को नेताजी के योगदान को देखते हुए पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की. जिसके बाद से प्रतिवर्ष नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जा रहा है.

मौके पर प्रधानाध्यापक मो रियाजुद्दीन, शिक्षक गोविंद कुमार, राजीव कुमार, वकील यादव, सुजय कुमार सिंह, श्वेता कुमारी, सरफराज अहमद, नसीम नज़र, शमशेर आलम, मुख्तार आलम, नुरूज्जमां, रहमतुल्लाह, फारूक आजम, इकबाल, मुजीब, शहनाज बेगम, रुबीना शाहीन, शहनाज सदफ, रजिया तबस्सुम, फरहत लिली, निखत बानो, फातिमा खातून, रुखसाना खातून, चुन्नी खातून सहित सैकड़ों छात्र -छात्राए उपस्थित थे.

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