Breaking News

ऐतिहासिक जीत के साथ बबलू मंडल के सिर पर जदयू जिलाध्यक्ष का ताज




लाइव खगड़िया : तमाम कयासों व विभिन्न तरह की चर्चाओं के बीच जिले में जदयू के संगठनात्मक चुनाव के अंतिम चरण में बुधवार को शहर के टाउन हॉल में जिलाध्यक्ष पद के लिए चुनाव संपन्न हुआ और चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही बबलू मंडल जिले की राजनीति में एक नई सनसनी के तौर पर उभर कर सामने आये. उल्लेखनीय है कि मंगलवार को जिलाध्यक्ष पद के लिए जदयू के कुल पांच कार्यकर्ताओं ने नामजदगी का पर्चा भरा था. जिसमें बबलू मंडल, सोनेलाल मेहता, साधना देवी, विक्रम यादव और शिवशंकर सुमन का नाम शामिल था. वहीं विधान पार्षद सोनेलाल मेहता द्वारा जिलाध्यक्ष पद के लिए नामांकन का पर्चा दाखिल करने के साथ ही मामला राजनीतिक गलियारे में खासा चर्चाओं में रहा था. साथ ही जिला जदयू की आंतरिक हलचल भी तेज हो गई थी.

मिली जानकारी के अनुसार जिलाध्यक्ष पद के चुनाव में कुल 74 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. जिसमें से विधान पार्षद सोनेलाल मेहता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष साधना देवी को एक-एक मत एवं जदयू उद्योग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विक्रम यादव को तीन मत मिला. जबकि शिवशंकर सुमन कोई भी मत प्राप्त नहीं कर सके. वहीं बबलू मंडल ने 69 मत प्राप्त कर एक बड़ी जीत की इबादत लिख दी. चुनाव में निर्वाचित घोषित किये गये बबलू मंडल की इस जीत को कई मायनों में ऐतिहासिक बताया जा रहा है. राजनीतिक गलियारे में चल रही चर्चाओं पर यदि विश्वास करें तो बबलू मंडल चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से जिले में जदयू के अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने वाले पहले कार्यकर्ता बन गये हैं. इसके पूर्व तक पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा जिलाध्यक्ष पद के लिए नाम मनोनीत किये जाने का दौर रहा था.




बबलू मंडल की जीत को पार्टी के प्रति समर्पण की जीत के तौर पर भी देखा जा रहा है. गौरतलब है कि वे समता पार्टी काल से ही नीतीश कुमार के साथ हैं और वक्त के साथ जदयू के अस्तित्व में आने पर भी वे नीतीश कुमार के ही साथ रहे. उनकी छवि पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता के तौर पर रही है. इस बीच उन्होंने समता पार्टी के जिला महासचिव एवं जदयू के जिला महासचिव की जिम्मेदारियों का भी बखूबी निर्वहन किया. बाद के दिनों में उन्हें जदयू में जिला उपाध्यक्ष की भी जिम्मेदारी मिली. साथ ही वे जिला 20 सूत्री के सदस्य भी रहे हैं. जिसके उपरांत उन्होंने जदयू के प्रदेश की राजनीति में भी दस्तक दी और प्रदेश नेतृत्व के द्वारा उन्हें अतिपछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई. दूसरी तरफ चुनाव में जिलाध्यक्ष पद पर मिली बबलू मंडल की जीत को चुनावी राजनीति में उनकी कौशलता और राजनीतिक चतुरता के तौर पर भी देखा जाने लगा है.

उधर नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष बबलू मंडल ने अपनी जीत को पार्टी के तमाम कार्यकर्ताओं की जीत बताया है. साथ ही उन्होंने खगड़िया के जदयू विधायक पूनम देवी यादव, परबत्ता के जदयू विधायक आर. एन. सिंह, बेलदौर के जदयू विधायक पन्नालाल सिंह पटेल, जदयू चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार, युवा जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष नूतन सिंह पटेल सहित पार्टी के तमाम नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया है.


Check Also

सार्वजनिक पुस्तकालय का शिलान्यास

सार्वजनिक पुस्तकालय का शिलान्यास

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: