लाइव खगड़िया : जिले के गौछारी में गुरुवार की वह सुबह खुशियों की विदाई और कर्तव्य की राह पर निकलने के उत्साह के साथ शुरू हुई थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। NH-31 पर अचानक हुई एक हृदयविदारक दुर्घटना ने न केवल दो परिवारों के चिराग बुझा दिए, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सन्नाटे और सिसकियों में डुबो दिया।
एक अधूरे सफर की दर्दनाक दास्तां
छुट्टियां बिताकर जब CISF जवान बिपिन चौरसिया अपनी पत्नी दीपमाला के साथ सुबह 5 बजे घर से निकले थे, तो उनके मन में अपनी ड्यूटी पर लौटने का जज्बा और अपनों से दोबारा मिलने की उम्मीद रही होगी। उन्हें क्या पता था कि गिट्टी से लदा एक अनियंत्रित ट्रक उनकी खुशियों के सफर को हमेशा के लिए थाम देगा।
महेशखुट थाना क्षेत्र में हुआ यह हादसा इतना भयावह था कि चीखने-पुकारने का मौका तक न मिला। ट्रक का ऑटो पर पलट जाना महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उन सपनों का अंत था जो बिपिन और दीपमाला ने साथ देखे थे। इस हादसे ने ऑटो चालक टांकेश मुनि को भी अपना शिकार बना लिया, जो सुबह-सुबह अपने परिवार की रोटी कमाने की जद्दोजहद में घर से निकले थे।
अपनों को खोने का असह्य दर्द
बिपिन और दीपमाला : एक ही परिवार के दो सदस्यों के चले जाने से गांव में मातम पसरा है। जो हाथ विदाई में हिले थे, वे अब बेबसी में एक-दूसरे को ढांढस बंधा रहे हैं।
टांकेश मुनि : उस गरीब ऑटो चालक का परिवार अब भविष्य की अनिश्चितताओं के बीच अपनी आंसुओं से भरी आंखों से इंसाफ और सहारे की तलाश कर रहा है।
सहमे हुए लोग और बिखरी हुई यादें
हादसे के बाद सड़क पर बिखरी गिट्तियां और कुचला हुआ ऑटो उस भयावह मंजर की गवाही दे रहे थे, जिसने वहां मौजूद हर शख्स की रूह को कंपा दिया। हालांकि ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर मलबे से शवों को बाहर निकाला, लेकिन जो घाव उन परिवारों के दिलों पर लगे हैं, उनकी भरपाई शायद कभी न हो सके।
“एक जवान जो देश की सरहदों की रक्षा के लिए तैयार हो रहा था, वह अपने ही घर की दहलीज के पास सड़क की लापरवाही का शिकार हो गया।”
पुलिस अब हादसे के कारणों की जांच कर रही है, लेकिन प्रशासनिक कागजों में दर्ज होने वाली यह “जांच” क्या उन आंसुओं को पोंछ पाएगी जो आज खगड़िया की गलियों में बह रहे हैं? आज पूरा गांव स्तब्ध है और हर आंख नम है। नियति का यह क्रूर प्रहार लंबे समय तक लोगों के जेहन में एक टीस बनकर रहेगा।






