लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : ग्रामीण प्रतिभा जब नवाचार से जुड़ती है, तो सफलता की गूँज राष्ट्रीय स्तर पर सुनाई देती है। खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत कन्हैयाचक निवासी स्वर्गीय संजीत कुमार एवं होमगार्ड जवान प्रीति कुमारी की पुत्री स्वाति कुमारी ने एक बार फिर विज्ञान जगत में जिले का मान बढ़ाया है।
बीआईटीएम कोलकाता में ‘पोस्टर आइकॉन’ बनीं स्वाति
स्वाति कुमारी की उपलब्धि की विशिष्टता इस बात से समझी जा सकती है कि 53वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी, जो बीआईटीएम (BITM), कोलकाता में आयोजित होने जा रही है, उसके आधिकारिक पोस्टर पर स्वाति के प्रोजेक्ट को ‘आइकॉन’ के रूप में स्थान दिया गया है। यह न केवल स्वाति के लिए, बल्कि पूरे बिहार के लिए एक ऐतिहासिक सम्मान है।
क्या है स्वाति का नवाचारी प्रोजेक्ट?
प्लस टू उच्च विद्यालय, कन्हैयाचक की छात्रा स्वाति ने एक ऐसा ऑटोमैटिक सिस्टम विकसित किया है जो बारिश के समय आम लोगों की बड़ी चिंता को दूर करता है:
- कार्यप्रणाली: यह मॉडल बारिश शुरू होते ही सक्रिय हो जाता है।
- उपयोगिता: बाहर सूख रहे कपड़े या अनाज बारिश की पहली बूंद पड़ते ही स्वतः सुरक्षित स्थान (घर के अंदर) आ जाते हैं।
- महत्व: ग्रामीण परिवेश में अचानक होने वाली बारिश से फसल और कपड़ों के नुकसान को बचाने के लिए यह एक बेहद व्यावहारिक और सस्ता समाधान है।
सफलता के पीछे का मार्गदर्शन
स्वाति की इस सफलता में उनके मार्गदर्शक शिक्षक गौतम कुमार की अहम भूमिका रही है। उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सतत प्रोत्साहन ने ही इस साधारण से दिखने वाले विचार को तकनीकी रूप से सुदृढ़ और राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी बनाया।
”स्वाति की यह सफलता परबत्ता और खगड़िया के विद्यार्थियों के लिए एक संदेश है कि यदि सोच नवाचारी हो, तो साधारण समस्याओं के समाधान से भी राष्ट्रीय पहचान बनाई जा सकती है।”
— स्थानीय शिक्षाविद
एक नजर में उपलब्धि का सफर
- 52वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी: नवाचारी सोच के साथ पूर्वोत्तर भारत स्तर पर चयन।
- 53वीं प्रदर्शनी (कोलकाता): प्रोजेक्ट को पोस्टर आइकॉन के रूप में राष्ट्रीय गौरव प्राप्त हुआ।
- प्रेरणा: साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय पटल पर पहचान बनाना।
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