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पैसे नहीं थे, लेकिन विश्वास था ! मजबूत इरादों की नींव पर मेडिकल कॉलेज

लाइव खगड़िया : “पैसे नहीं थे, लेकिन विश्वास व जुनून था”. चंद शब्दों का यह छोटा सा वाक्य ही किसी शख्स के संघर्ष को बाखूबी वयां कर जाता है. कभी खगड़िया को स्वीटजरलैंड बना देने की बात कह लोगों के सपने जगाने वाले जिले के दो चर्चित भाईयों को भले ही राजनीतिक तौर पर लोगों का वो समर्थन नहीं मिल पाया था, जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी. बावजूद इसके वे मजबूत इरादों के साथ संघर्ष की राह पर चलते रहे और आज खगड़िया को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात भेंट कर जिले को गौरवान्वित कर दिया.

दरअसल बात जिले के परमानंदपुर स्थित श्यामलाल चन्द्रशेखर नर्सिंग कॉलेज एवं पारा मेडिकल संस्थान के संस्थापक डॉ स्वामी विवेकानंद एवं उनके भाई ई. धर्मेंद्र की है.  जिन्होंने कभी सक्रिय रूप से चुनावी राजनीतिक की राह पर चलकर जिले की तस्वीर बदलने की ठानी थी. लेकिन राजनीति की जटिल परिदृश्य में वे उभड़ कर सामने नहीं आ सके. बावजूद इसके समाज सेवा का उनका जुनून कायम रहा और जिले को एक अलग मुकाम पर पहुंचाने की उनकी कोशिशें जारी रही. इस बीच 27 सितंबर को‌ खगड़िया के श्यामलाल चन्द्रशेखर मेडिकल कॉलेज को 50 सीटों के लिए एनएमसी से मान्यता मिलते ही जिला एक नया मुकाम को हासिल करने में सफल रहा. जिसमें डॉ स्वामी विवेकानंद सहित उनके भाई ई. धर्मेंद्र व डॉ अमर सत्यम की अहम भूमिका रही.

तिनका – तिनका जोड़ कर रखी गई थी संस्थान की नींव

50 सीटों वाली मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिलने के बाद रविवार को संस्थान में आयोजित प्रेस वार्ता में ई. धर्मेंद्र भावुक होते हुए संस्थान के आधारभूत संरचना के निर्माण से लेकर इस मुकाम को हासिल करने के संघर्ष की कहानी वयां कर गए. वहीं बताया गया कि जिला व जिले के बाहर के कई लोगों के सहयोग सहित स्थानीय आमजनों का साथ से इस मुहिम को अंजाम तक पहुंचाया जा सका है. साथ ही उन्होंने कहा कि यह संस्थान सिर्फ स्वामी विवेकानंद एवं ई. धर्मेंद्र का नहीं बल्कि जिलेवासियों का है और 27 सितंबर का दिन जिले के लिए एक स्वर्णिम दिन था. वहीं उन्होंने मुहिम में साथ व सहयोग देने वाले सभी लोगों के नाम की भी चर्चा की और चंदा से जमा की गई राशि से निर्माण सामग्री पहुंचने के अतीत को भी याद किया.

सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की राह पर संस्थान

श्यामलाल चन्द्रशेखर मेडिकल कॉलेज सह शहीद प्रभु नारायण मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल को सुपर स्पेशलिटी बनाने का वादा करते हुए ई. धर्मेंद्र ने बताया कि संस्थान गरीब मरीजों का निःशुल्क इलाज सुविधा मुहैया कराते आ रही है. साथ ही आमजनों को बहुत ही कम खर्च पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रही है. उन लोगों की कोशिश है कि लोगों का इलाज के नाम पर कम या फिर शून्य खर्च हो और संस्थान इस मुहिम को अंजाम तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयासरत है.

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