लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : बिहार की सियासत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों और नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच परबत्ता के पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार ने एक बार फिर अपनी पुरानी पार्टी (जेडीयू) पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. संजीव ने अपने इस्तीफे के फैसले को सही ठहराया और मौजूदा राजनीतिक हालात पर तंज कसा।
स्वाभिमान से समझौता नहीं: डॉ. संजीव
डॉ. संजीव ने अपने फेसबुक पोस्ट में स्पष्ट किया कि उन्होंने जेडीयू छोड़ने का निर्णय अपने आत्मसम्मान और सिद्धांतों की रक्षा के लिए लिया था। उन्होंने लिखा:
“अब तो सब समझ ही गए होंगे कि मैंने जेडीयू क्यों छोड़ी थी। मैंने कभी भी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। जिस वातावरण में नए-नए ‘सूरमा भोपाली’ पैदा हो रहे थे, वहाँ घुटन महसूस होना स्वाभाविक था।”
नीतीश कुमार की विदाई पर जताया दुख
पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम और संभावित विदाई को लेकर भी गहरी संवेदना और नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से एक कद्दावर नेता की विदाई की स्थितियाँ बन रही हैं, वह बिहार की जनता को स्वीकार्य नहीं है।
डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि इतिहास गवाह है कि समय सबका मूल्यांकन करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब वही लोग (नए सूरमा भोपाली) आदरणीय नीतीश जी के सगे नहीं हो सके, तो वे किसी और के क्या होंगे। साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि पद कभी स्थायी नहीं होता, लेकिन व्यक्ति के सिद्धांत और आत्मसम्मान जीवन भर साथ रहते हैं।
सियासी गलियारों में हलचल
डॉ. संजीव कुमार की यह ‘तीखी प्रतिक्रिया’ ऐसे समय में आई है जब बिहार की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। उनके द्वारा इस्तेमाल किया गया शब्द “सूरमा भोपाली” चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे पार्टी के भीतर उभरते नए नेतृत्व और उनके प्रभाव पर एक सीधे प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।






