लाइव खगड़िया (मनीष कुमार) : सांसद चौधरी महबूब अली केसर अपनी एक कथित चिट्ठी को लेकर फिर चर्चाओं मे हैं. हलांकि सोशल साइट पर तैरती यह चिट्ठी इस बार खेला कर गया है और कहा तो यहां तक जा रहा है कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया है. गौरतलब है कि सांसद चौधरी महबूब अली केसर अपने विगत के कार्यकाल में सोशल साइट पर वायरल होते अपने पत्र को लेकर चर्चाओं में रहा करते थे और विभिन्न मामले को लेकर संबंधित को लिखा गया उनका पत्र सोशल साइट पर खूब वायरल हुआ करता था. हलांकि वर्तमान कार्यकाल में यह सिलसिला लगभग रूक सा गया था. लेकिन साल के अंतिम माह में उनका कथित एक पत्र जिले की राजनीति में हंगामा मचा गया है.
दरअसल सांसद चौधरी महबूब अली केसर के लेटर हेड पर जिला योजना अधिकारी को जारी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए सदर प्रखंड के 17 योजनाओं की अनुशंसा की गई है. जिसमें नव निर्वाचित पंचायत समिति सदस्य को पर्यवेक्षण प्रतिनिधी बनाया गया है. उल्लेखनीय है कि सदर प्रखंड प्रमुख का चुनाव होना है. ऐसे में इस पद के दावेदार पंसस काजल कुमारी ने सांसद पर प्रखंड प्रमुख के चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया है. उल्लेखनीय है कि पंसस काजल कुमार जदयू नेता अशोक सिंह के पुत्र वधु हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पंसस काजल कुमारी ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर सांसद पर बिहार पंचायत चुनाव नियमावली और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है. साथ ही उन्होंने मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है.
दूसरी तरफ सांसद चौधरी महबूब अली केसर ने अपने लेटर हेड पर योजनाओं की स्वीकृति नहीं करने की बात कहते हुए पूरे मामले की जांच अपने स्तर से कराने की बातें कही है. यहां यह देखना भी दीगर होगा कि सांसद के कथित वायरल पत्र में ना तो पत्रांक अंकित है और ना ही पत्र जारी करने की तारीख को ही इंगित किया गया है. हलांकि कई पन्नों में वायरल हो रहे पत्र के अंतिम पन्ने में एक हस्ताक्षर है. लेकिन वहां भी ताऱीख अंकित नहीं किया गया है. बहरहाल सोशल साइट पर वायरल होता सांसद का कथित पत्र फेक है या फिर इसे सांसद के द्वारा जारी किया गया है ! यह एक जांच का विषय है. लेकिन इतना तो कहा ही जा सकता है कि सांसद के कथित पत्र पर जिले की राजनीति गर्म हो गई है और यह पत्र खेला कर गया है.
Live Khagaria Hyper Local Digital News Platform


