लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : वैसे है तो यह जुगाड़ तकनीक ही, लेकिन यह लोगों को भा गया है. साथ ही जिले के कई युवा इस तकनीक को अपना कर रोजगार के नए अवसर की तलाश में जुट गए है. दरअसल जिले की सीमा में जुगाड़ तकनीक का प्रदर्शन कर आगे निकलने जाने वाले बाइक पर स्थापित सत्तू चक्की लोगों को लुभा गया है और यदि यह जिले में चल पड़ा तो लोगों को अपनी आंखों के सामने पिसा हुुआ चने का शुद्ध सत्तू आसानी से दे सकता है.
हलांकि मोटरसाइकिल पर स्थापित चलंत सत्तू चक्की चलाने वाले रोहतास जिले के राज कुमार थे. जो सामने में सत्तू पिस घर-घर इसे पहुंचाने के लिए अपने मशीन के साथ कटिहार निकल पड़े. लेकिन जाते-जाते वे रोजगार के ऩए अवसर का प्रदर्शन कर गए हैं. उन्होंने बताया कि वेकटिहार जिले में घर-घर जाकर सत्तू पिसते हैं. जिससे उन्हें प्रति दिन लगभग 700 से लेकर 800 की कमाई हो जाती है. वहीं उन्होंने बताया किमोटर साइकिल पर चलंत सत्तू चक्की स्थापित करने में उन्हें लगभग 1.25 लाख रुपए का खर्च आया. बताया जाता है कि अपने साथ वे भूंना हुआ चना रखते हैं और ग्राहकों की मांग पर उनके सामने ही चना पीस कर उन्हें शुद्ध सत्तू सौ रूपये प्रति किलों की दर सेसौंप देते हैं.जबकि यदि ग्राहक का चना हो तो उनसे 20 रूपया प्रति किलो पिसाई लिया जाता है. बहरहाल इस जुगाड़ तकनीक को जिले के कुछ युवा भी अपना चुके हैं. बीते दिनोंगोगरी जमालपुर में भी बाइक पर स्थापित आटा चक्की दिखा था. जो आटा या सत्तू में मिलावट के लिए कोई अवसर नहीं छोड़ता और साथ ही ग्राहकों को घर बैठे शुद्ध सत्तू व आटा मुहैया करा जाता है.
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