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समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री बाढ़ राहत और बचाव कार्य से हुए अवगत

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लाइव खगड़िया (मनीष कुमार) : उप मुख्यमंत्री सह- आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री रेणु देवी की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की गई. वहीं जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री को बताया कि खगड़िया अत्यंत बाढ़ प्रभावित जिला है एवं जिले से कुल पांच बड़ी नदियां गंगा, बूढ़ी गंडक, कोसी, बागमती और कमला गुजरती है. इन नदियों के जल अधिग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षापात की स्थिति से जल स्तर बढ़ जाता है, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है. जिले के सभी प्रखंड आंशिक या पूर्ण रूप से बाढ़ से प्रभावित रहते हैं. नदियों के अतिरिक्त वर्षा जल के निकासी नहीं होने के कारण कई क्षेत्र मानसून के दौरान जलमग्न हो जाते हैं और जलजमाव की स्थिति अक्टूबर तक बनी रहती है.

जिलाधिकारी ने बाढ़ से प्रभावित पंचायतों, प्रभावित गांवों, बाढ़ से प्रभावित वार्डों, बाढ़ से प्रभावित जनसंख्या, विस्थापित जनसंख्या, वितरित पॉलिथीन की संख्या, वितरित फूड पैकेटों की संख्या, संचालित नावों की संख्या, जीआर राशि के भुगतान हेतु चिन्हित परिवारों की संख्या, संचालित सामुदायिक किचन एवं इनसे लाभान्वित लोगों की संख्या, बाढ़ प्रभावित लोगों के चलाए जा रहे स्वास्थ्य शिविरों का विवरण, पशु चारा वितरण की स्थिति, बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में कोविड टीकाकरण की अद्यतन स्थिति के साथ जिले में बहने वाली प्रमुख नदियों बागमती, कोसी, बूढ़ी गंडक और गंगा के वर्तमान जलस्तर की स्थिति से उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया. इस क्रम में बाढ़ से प्रभावित प्रखंड की जानकारी देते हुए बताया गया कि जिले के परबत्ता प्रखंड का1 पंचायत बाढ़ से पूर्ण प्रभावित व 9 पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित है. जबकि सदर प्रखंड का 4 पंचायत पूर्ण व 6 पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित हैं, चौथम का 9 पंचायत आंशिक एवं गोगरी का 2 पंचायत पूर्ण व 7 पंचायत आंशिक रू से प्रभावित है. अलौली का 4 पंचायत पूर्ण व 2 पंचायत आंशिक एवं मानसी का 3 पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित हैं. जबकि बेलदैर का 8 पंचायत आंशिक रूप से बाढ़ से प्रभावित है. वहीं बताया गया कि जिले में कुल 11 पंचायत बाढ़ से पूर्ण प्रभावित एवं 44 पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं. अलौली में 68, खगड़िया में 15, मानसी में 4, चौथम में 18, बेलदौर में 10, गोगरी में 45 और परबत्ता में 18 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. बाढ़ प्रभावित पंचायतों में कुल 289 वार्ड प्रभावित हुए हैं.

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मौके पर बताया गया कि जिले में अब तक 20,279 पॉलिथीन सीट का वितरण और 9,487 फूड पैकेट का वितरण किया गया है. कुल 65 सामुदायिक रसोइयों और 3 राहत केंद्रों में 6,27,613 बाढ़ पीड़ित व्यक्ति भोजन कर लाभान्वित हुए हैं. बाढ़ से प्रभावित पशुओं की संख्या 23,158 है. 8 पशु चिकित्सा शिविरों माध्यम से 7,441 पशुओं की चिकित्सा की गई. 729 क्विंटल पशुचारा का वितरण किया जा चुका है. विभिन्न प्रखंडों में कुल 86 नौकाओं का संचालन किया जा रहा है. बाढ़ से कुल प्रभावित जनसंख्या 2,32,089 है. बाढ़ से विस्थापित जनसंख्या 3,765 है. कुल 39,593 परिवारों को जीआर राशि के भुगतान हेतु चयनित कर इनके खाते में भुगतान कर दिया गया है. बाढ़ से प्रभावित लोगों के इलाज हेतु 319 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए थे, जिनमें 15,175 लोगों का उपचार किया गया. इन सभी शिविरों में हैलोजन टेबलेट वायरस पैकेट एवं अन्य दवाओं का भी वितरण किया गया है .


इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ के कारण जिले में किसी की मृत्यु नहीं हुई है. जिले में कोविड की स्थिति भी सामान्य है. एसडीआरएफ की 1 टीम जिले में उपस्थित है. बाढ़ से पूर्व भी अनेक स्थलों पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया गया था. चार प्रमुख तटबंध ऊपर समय पूर्व कटाव निरोधी कार्य पूर्ण करा लिया गया था. वहीं जानकारी दी गई कि वर्तमान में बागमती नदी से कटाव ज्यादा हो रहा है. गृहक्षति के कुछ मामले सामने आए हैं. जनवरी से ही एसओपी के अनुसार बाढ़ की तैयारी प्रारंभ कर दी गई थी. जनप्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करके उनका सुझाव प्राप्त किया गया था. वहीं पूर्व के बाढ़ में क्षतिग्रस्त सड़कों को मोटरेबल कराने की जानकारी दी गई. फसल क्षति के आंकलन का कार्य किया जा रहा है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान हेतु बाढ़ से पूर्व से ही प्रचार प्रसार भी कराया जा रहा है.

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मौके पर उप मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत के कुशल प्रबंधन पर संतोष जताते हुए कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट है कि जनता को आपदा के समय में भी किसी प्रकार की परेशानी ना हो. संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा के लिए सरकार तत्पर है. उन्होंने यास तूफान और बाढ़ के चलते कृषि क्षति के आकलन का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कि बाढ़ के संबंध में अक्टूबर तक चौकस रहना है और जीआर राशि के वितरण में कोई गरीब परिवार न छूटे इसका भी ध्यान रखना है.
बाढ़ राहत समीक्षा बैठक में खगड़िया विधायक छत्रपति यादव एवं अलौली विधायक रामवृक्ष सदा भी उपस्थित थे. वहीं विधायकों ने दोबारा बाढ़ का पानी पहुंचने वाले गांव में फिर से राहत सामग्री ड्राई राशन के वितरण की मांग रखी. बाढ़ क्षेत्रों में सड़क को और ऊंचा बनाने की तरफ उप मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित कराया. साथ ही अलौली में भी पशुचारा के वितरण की मांग रखी गई. मौके पर उप विकास आयुक्त अभिलाषा शर्मा, अपर समाहर्ता शत्रुंजय कुमार मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह, तकनीकी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी उपस्थित थे.

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