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बेहाल व्यवस्था : चपरासी पढा रहे बच्चों को,रसोईया छिलवा रही आलू

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लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले की सरकारी स्कूलों के शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच सोशल साइट पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है.जो एक बड़ा सवाल खड़ा करता हुआ प्रतित हो रहा है कि क्या इन्हीं व्यवस्थाओं के बीच देश का भविष्य जिले की सरकारी विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहें है ? बताया जाता है कि वीडियो जिले के परबत्ता प्रखंड के मध्य विद्यालय कवेला का है.जिसमें स्कूल का एक चतुर्थवर्गीय कर्मी बच्चों को पढा रहे हैं.वहीं कुछ स्कूली बच्चे वर्ग संचालन के बीच पढाई छोड़ स्कूल में बन रहे मिड डे मील में रसोईया को सहयोग करते हुए आलू के छिलके उतार रहे हैं.बहरहाल इस वीडियो के वायरल होने के बाद इस स्कूल की व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़ा हो रहा है.

देखें वायरल वीडियो : –

मिली जानकारी के अनुसार उक्त विद्यालय में 450 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित है.जबकि यहां आठ शिक्षक कार्यरत है.जिसमें से एक समन्यवक का कार्य करने में व्यस्त रहते हैं तो दूसरा प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए गये हैं.साथ ही शिक्षा विभाग ने  प्रधानाध्यापक को मध्य के अलावा हाई स्कूल के प्रधान की जिम्मेदारी भी सौंप दी है.आश्चर्यजनक पहलू यह भी है कि एक तरफ मिड डे मील बनाने के लिए स्कूल में 6 रसोईया कार्यरत हैं.जबकि विद्यालय शिक्षको की कमी से जूझ रहा है.जिसका असर विद्यालय में नामांकित बच्चों के पठन-पाठन पर पड़ रहा है.बताया जाता है कि विद्यालय की लचर व्यवस्था से ग्रामीण के बीच आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है.दूसरी तरफ मामले पर स्कूल के प्रधानाध्यापक शिव शंकर चौधरी की मानें तो विद्यालय में शिक्षको की कमी के कारण छात्र-छात्राएं कक्षा छोड़ इधर-उधर चले जाते हैं.इसी क्रम में रसोईया ने भूलवश कुछ बच्ची से आलू छिलवाने का कार्य लेने लगी थी.वहीं उन्होंने बताया कि रसोईया को हिदायत दी गई कि इस तरह की गलती वो फिर ना करे.साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि शिक्षको की कमी के कारण कभी-कभी वर्ग संचालन के लिए उसी परिसर में स्थित हाई स्कूल के चपरासी को लगा दिया जाता है.IMG 20180606 WA0003

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