लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के परबत्ता प्रखंड के सियादतपुर अगुवानी पंचायत स्थित उत्तरवाहिनी गंगा घाट सोमवार की देर रात एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना। आस्था, परंपरा और उत्सव के बीच यहाँ पहली बार 10 दिवसीय श्री गंगा महायज्ञ एवं माघी मेला का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर खगड़िया के जिलाधिकारी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
भक्ति और उल्लास का संगम
महायज्ञ का शुभारंभ काशी विश्वनाथ (बनारस) से आए विद्वान पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य संध्या आरती के साथ हुआ। आरती के दौरान घाट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा क्षेत्र ‘हर-हर गंगे’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

राजकीय दर्जे और पर्यटन पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने क्षेत्र की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- पर्यटन विकास: अगुवानी गंगा घाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
- राजकीय दर्जा: स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस मेले को राजकीय मेला घोषित कराने के प्रयास किए जाएंगे।
- पौराणिक महत्व: जिलाधिकारी ने जोर दिया कि पौराणिक दृष्टि से यह स्थल अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इसे और भी भव्य स्वरूप दिया जाएगा।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस गौरवशाली क्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी, परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य सहित जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
युवाओं की पहल लाई रंग
गौरतलब है कि इस क्षेत्र को नई पहचान दिलाने की कवायद बीते 31 दिसंबर को स्थानीय युवाओं द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों से शुरू हुई थी। उसी का परिणाम है कि आज यह स्थल एक बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।





