लाइव खगड़िया : हॉकी इंडिया के अध्यक्ष मुश्ताक़ अहमद के द्वारा अपने पद से इस्तीफा देने के बाद जिला हॉकी संघ के सचिव विकाश कुमार ने कहा है कि इससे हॉकी खिलाड़ियो के सपने और उम्मीदों पर पानी फिर गया है. साथ ही उन्होंने कहा है कि खेल संघ में बिहार की भागीदारी नहीं होने की वजह से यहां के खिलाड़ियो का शोषण किया जाता था. ऐसे में जब वर्ष 2018 में हॉकी इंडिया के महासचिव से अध्यक्ष पद पर मुश्ताख अहमद आये तो बिहार के खिलाड़ियो में एक उम्मीद की किरण जगी कि अब बगैर किसी भेदभाव के बिहार के खिलाड़ियां का भी प्रदर्शन के आधार पर इंडिया कैम्प में चयन किया जायेगा और उनके कार्यकाल में ऐसा होने भी लगा था. लेकिन अब उनके इस्तीफा से खिलाड़ियों के बीच निराशा है.
उधर 8 बार नेशनल खेल चुकी सीनियर हॉकी खिलाड़ी नवनीत कौर बताती हैं कि जब वे नेशनल टूर्नामेंट में जातीं थीं तब वहां उनके साथ भेदभाव होता था. लेकिन विगत 2 वर्षों से हर प्रदेश के खिलाड़ियों को समान रूप से देखा जाता था. जिससे बिहार के खिलाड़ियों को एक उत्साह मिला और वेलोग अपने प्रदर्शन में सुधार कर टीम को ‘ग्रुप बी’ से क्वालीफाई करके ‘ए डिवीज़न’ तक लाने में सफल रहे. जिसके उपरांत बिहार के खिलाड़ियो का भी चयन होने लगा.
जबकि हॉकी खिलाड़ी नीतीश कुमार बताते हैं कि हॉकी इंडिया के अध्यक्ष का बिहार से होने सेे राज्य के खिलाड़ियो को हर तरह से मदद व संसाधन की उपलब्धता की एक उम्मीद थी. जो कि उनके इस्तीफा के साथ टूट चुका है. वही हॉकी खिलाड़ी पल्लवी कुमारी ने अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा तथा भारतीय खेल प्राधिकरण से इस मामले में राजनीति व षडयंत्र करने वाले पर करवाई करने की मांग किया है.
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