लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : लोक आस्था का चार दिवसीय पर्व चैती छठ उदीयमान भगवान भाष्कर को अर्घ्य देने के साथ मंगलवार को संपन्न हो गया. इस क्रम में जिले के परबत्ता प्रखंड के रूपौहली में घर के छत पर बनाये गये अस्थाई तलाब में श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया. वहीं छठ व्रती पानी में खड़े होकर सूप में सजे फल, मिष्ठान के साथ भगवान भास्कर की आराधना किया.
जबकि सियादतपुर अगुवानी पंचायत के डुमरिया बुजूर्ग, खीराडीह पंचायत के श्रीरामपुर ठुठ्ठी आदि गांव म भीें छठ को लेकर वैकल्पिक घाट का निर्माण कर छठ व्रत किया गया. वहीं छठ व्रती शिरोमणि देवी, देवता देवी, मंजु देवी आदि ने बताया कि भगवान भास्कर से परिवार की सुख-शांति सहित कोरोना महामारी के संकट को दूर करने की प्रार्थना किया गया.
सुबह के अर्घ्य के साथ छठ व्रती से लोगो ने आशीर्वाद प्राप्त किया. जिसके उपरांत व्रती द्वारा शरबत पीकर तथा प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का निराहार उपवास समाप्त किया गया. उल्लेखनीय है कि छठ पूजा का सबसे महत्त्वपूर्ण पक्ष इसकी सादगी पवित्रता और लोकपक्ष रहा है. भक्ति और अध्यात्म से परिपूर्ण इस पर्व में बाँस निर्मित सूप, टोकरी, मिट्टी के बर्त्तनों, गन्ने का रस, गुड़, चावल और गेहूं से निर्मित प्रसाद और सुमधुर लोकगीतों से युक्त होकर लोक जीवन की भरपूर मिठास का प्रसार होता है.
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