लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : कोरोना को लेकर लॉकडाउन के बीच भलें ही इस वर्ष चैती छठ में श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पडा हो , लेकिन उऩकी आस्था व विश्वास के बीच हर परेशाऩी छोटी नजर आई और भगवान भाष्कर की आराधना में कोई कसर नही छोडी गई.
जिले के रूपौहली में व्रतियों ने गंगाघाट पर ना जाकर और ना ही वैकल्पिक रूप घाट का निर्माण कर बल्कि अपने घर के छत पर पानी भरे टब में खड़े होकर भगवान भाष्कर की आराधना किया. सोमवार को चैती छठ के तीसरे दिन परबत्ता प्रखंड के रूपौहली गांव में अस्ताचलगामी भगवान भाष्कर को श्रद्धालुओं ने अर्घ्य दिया और देश को कोरोना वायरस से मुक्त कर यहां की सुख-शांति के लिए भी प्रार्थना किया गया.
अर्ध्य के दौरान छठ व्रती स्नान कर भींगी हुई कपड़े में ठेहुने भर पानी में खड़े होकर सूप में सजी फल, मिष्ठान को हाथ में रखकर भगवान भाष्कर को नमन किया. वहीं श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी भगवान भाष्कर को गंगाजल एवं दूध से अर्घ्य दिया.
मौके पर छठ व्रती शिरोमणि देवी, देवता देवी, मंजु देवी ने बताया कि भगवान भाष्कर से वैश्विक स्तर पर फैले महामारी से जल्द उबारने की कामना किया गया. क्योंकि छठ मैया लोगो के कष्टो को हर लेती है और निश्चय ही जल्द सबों को इस संकट से मुक्ति मिलेगा. दूसरी तरफ सियादतपुर अगुवानी पंचायत के डुमरिया बुजूर्ग में वैकल्पिक घाट का निर्माण कर छठ व्रती ने भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया.
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