लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : यदि यह देखना हो कि सरकार की योजनाएं धरातल पर पहुंचते-पहुंचते किस हाल में नजर आता है तो कभी जिले के परबत्ता प्रखंड के भरतखंड-अगुवानी तटबंध पर चले आईये. इस स्थल पर वर्ष 2018- 2019 में पर्यावरण एवं वन विभाग के द्वारा नमानि गंगे के नदी तटबंध वर्षाकालीन वनरोपन योजना के तहत 9 हजार पौधे लगाये गये थे. जिसमें आम, कटहल, जामुन, नीम, गुलर, पाकड़, पीपल, बरगद, महोगणी, अगस्त आदि की प्रजातियां शामिल थी. लेकिन आज विभाग द्वारा लगाये गए 9000 पौधों में से बड़ी मुश्किल से कुछ पौधे ही नजर आ जाये तो बड़ी बात होगी.
हलांकि कार्य स्थल पर विभाग द्वारा लगाये गए बोर्ड आज भी चमकदार है. जिसमें 9000 पौधे लगाये जाने का उल्लेख है. लेकिन सरजमीं पर वो आज बड़ी मुश्किल से दिखती. मामला आमलोगों के बीच चर्चाओं में भी है. दूसरी तरफ सामाजिक कार्यकर्ता अखिलेश्वर दास इसे पर्यावरण एवं वन विभाग के द्वारा कागजी घोड़ा दौड़ाना बता रहे हैं. साथ ही वो कहते हैं कि धरातल पर पदाधिकारी नही आतें हैं और पौधे को लगाने के बाद उसे बचाने की जिम्मेदारी से विभाग पीछे हटती रही है.
जबकि वन प्रमंडल पदाधिकारी संजय कुमार सिन्हा ने मामले पर कहा कि जिस स्थल के पौधे मृत हो गये हैं वहां इस वर्ष बरसात में पुनः पौधा लगाया जाएगा. इस क्रम में खास करके तटबंध पर वर्षा कालीन वन रोपन कार्यक्रम चलाया जायेगा.
Live Khagaria Hyper Local Digital News Platform
