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नाग पंचमी पर श्रद्धा व भक्ति के साथ किया गया बिषहरी माता की पूजा

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लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र)
: कोरोना संक्रमण काल में सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए श्रद्धालुओं ने स्थानीय शिव मंदिर एवं बिषहरी मंदिर में शनिवार को पूजा अर्चना किया. इस क्रम में जिले के परबत्ता प्रखंड के माधवपुर पंचायत के बिषहरी मंदिर मुरादपुर, बिशौनी बिषहरी मंदिर एवं अगुवानी डुमरिया बुजुर्ग स्थित मां बिषहरी मंदिर में श्रद्धालुओ ने बिषहरी माता की पूजा किया. गौरतलब है कि इन मंदिरों में दशकों से नाग पंचमी के दिन विशेष पूजा का आयोजन किया जाता आ रहा है. वहीं फुलाईस के बाद कुंवारी कन्याओं ने भोजन ग्रहण किया. जिसके उपरांत लोगों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया.

श्रावण मास के शुक्ल पंचमी तिथि को नाग पंचमी पूजा श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया जाता है. नाग देवता भगवान शिव के गले में आभूषण के रूप लिपटे रहते हैं. भगवान विष्णु जी शेष नाग की शेैय्या पर शयन करते हैं. मान्यता है कि जब-जब भगवान पृथ्वी पर अवतरित हुए हैं तब-तब शेष नाग भी उसके साथ अवतरित हुआ है. पौराणिक कथा के अनुसार मातृ श्राप से नागलोक जलने लगा था, तब नागों की दाह पीड़ा श्रावण शुक्ल पक्ष पंचमी के दिन शांत हुआ. उस दिन से नाग पंचमी पर्व मनाने की परंपरा की शुरूआत हुई.


पंडित अजय कांत ठाकुर, सुदर्शन शास्त्री बताते हैं कि नाग पंचमी पूजा कल्याणकारी होता है तथा परिवार में सुख समृद्धि लाती है. मान्यता है कि अगर किसी जातक के घर में किसी सदस्य की मृत्यु सांप के काटने से हुई हो तो उस परिवार के कोई भी सदस्य बारह महीने तक पंचमी का व्रत करना चाहिए. इस व्रत का फल जातक के कुल पर सांप का भय नहीं होना बताया जाता है.

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