लाइव खगड़िया : विकास योजनाओं में लगातार लापरवाही और लेत-लतीफी बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नगर परिषद खगड़िया ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। नगर प्रशासन ने शहर की चार अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क एवं नाला निर्माण योजनाओं को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही नियमों की अनदेखी करने वाले दो अलग-अलग संवेदकों (ठेकेदारों) को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट (काली सूची) में डाल दिया है। इस प्रशासनिक हड़कंप के बाद से ठेकेदारों में खलबली मच गई है।
क्यों ली गई इतनी बड़ी एक्शन?
नगर परिषद द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, इन सभी योजनाओं के लिए समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्यादेश (Work Order) जारी कर दिया गया था। इन्हें बरसात से पहले जलजमाव और जर्जर सड़कों से मुक्ति दिलाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया गया था।
इसके बावजूद, संवेदकों द्वारा महीनों तक काम शुरू नहीं किया गया। नगर परिषद ने वर्ष 2024 और 2025 के दौरान कई बार नोटिस और अंतिम चेतावनी जारी की, लेकिन ठेकेदारों की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। अंततः जनहित को ध्यान में रखते हुए यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
ये 4 महत्वपूर्ण योजनाएं की गईं रद्द
नगर परिषद ने जिन चार मुख्य योजनाओं के टेंडर रद्द किए हैं, वे निम्नलिखित हैं:
पीसीसी सड़क निर्माण: वीरेंद्र कुमार (मुखिया जी) के घर से पुराने पवन लॉज होते हुए अरुण कुमार शिक्षक के घर तक।
आरसीसी नाला निर्माण: बेंजामिन चौक से आदित्य विजन, बिग बाजार होते हुए लाल बाबू स्कूल तक।
आरसीसी नाला निर्माण: पोस्ट ऑफिस रोड क्षेत्र में चंद्रशेखर चौधरी के घर से श्यामलाल ट्रस्ट भवन, सुरेश मंडप होते हुए पोस्ट ऑफिस चौक तक।
पीसीसी सड़क निर्माण: अड्डा घाट से श्यामलाल ट्रस्ट भवन, सुरेश मंडप, पूर्व विधायक श्रीमती चंद्रमुखी देवी के घर से टाउन थाना तक।
ये संवेदक हुए एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट
लोक निर्माण संहिता एवं एनआईटी (NIT) की शर्तों के उल्लंघन और जनहित को प्रभावित करने के आरोप में दो संवेदकों पर एक साल का प्रतिबंध लगाया गया है:
विक्रांत कुमार (थाना रोड, खगड़िया)
N&N Construction (प्रोप्राइटर- नेहा कुमारी, सासाराम, रोहतास)
पोस्ट ऑफिस रोड और DAV रोड पर संकट
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पोस्ट ऑफिस रोड और DAV रोड के इलाके में जल निकासी की समस्या बेहद गंभीर है। बरसात में यहाँ बाढ़ और कीचड़ जैसे हालात बन जाते हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से इसके सुधार की मांग कर रहे थे, लेकिन ठेकेदारों की लापरवाही ने इस पर पानी फेर दिया।
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी” — अर्चना कुमारी (नगर सभापति)
“जनता हमें विकास कार्यों के लिए चुनती है, किसी संवेदक को संरक्षण देने के लिए नहीं। जो भी संवेदक नियमों का पालन नहीं करेगा, समय पर कार्य पूरा नहीं करेगा या जनता को परेशान करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग हो रही है।”
“जल्द निकाली जाएगी दोबारा निविदा” — सिंधु कमल (कार्यपालक पदाधिकारी)
“संवेदकों को सुधार के कई मौके दिए गए थे, लेकिन उन्होंने काम शुरू नहीं किया। नगर परिषद जनता की मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर है। जिन योजनाओं को रद्द किया गया है, उनके लिए जल्द ही पुनः निविदा (Re-Tender) प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि काम धरातल पर उतर सके।”






