लाइव खगड़िया : जिला मुख्यालय के जे.एन.के.टी विद्यालय में महिला एवं बाल विकास निगम तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के संयुक्त तत्वावधान में ‘बाल विवाह निषेध’ एवं ‘बालिका सशक्तिकरण’ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोर – किशोरियों को बाल विवाह के कानूनी दुष्प्रभावों और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
कानूनी जानकारी और सुरक्षा तंत्र पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिवक्ता अरुण शंकर ने बाल विवाह निषेध अधिनियम की बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि एक दंडनीय अपराध भी है। इसके साथ ही आपातकालीन स्थितियों के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की गई:
181: महिला हेल्पलाइन
1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
112: इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम
शिक्षा और पोषण से सशक्तिकरण
महिला एवं बाल विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक और लैंगिक विशेषज्ञों ने छात्राओं को स्वास्थ्य, बेहतर पोषण और समग्र विकास के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। वक्ताओं ने जोर देते हुए कहा, “जब एक लड़की शिक्षित होती है, तो वह न केवल अपने परिवार को बल्कि आने वाली पूरी पीढ़ी को सशक्त बनाती है।” कार्यक्रम के माध्यम से लैंगिक भेदभाव मिटाने और महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा को जड़ से समाप्त करने का आह्वान किया गया।
नारे और योजनाओं का प्रचार
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उत्साह भरने के लिए प्रेरणादायक नारों का भी प्रयोग किया गया:
“बेटी नहीं है किसी से कम, मिटा दो अपने सारे भ्रम; बेटी है अनमोल उपहार, शिक्षा है उसका अधिकार।”
आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों सहित कुल 115 किशोर-किशोरियों ने भाग लिया। मौके पर महिला एवं बाल विकास निगम के कर्मी, लैंगिक विशेषज्ञ और विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने बाल विवाह को रोकने और बेटियों को शिक्षित करने का संकल्प लिया।
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