लाइव खगड़िया : जिले के परबत्ता प्रखंड के डुमरिया बुजुर्ग गांव में आज उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब क्षेत्र की सम्मानित बुजुर्ग और स्वतंत्रता सेनानी सह परबत्ता के प्रथम विधायक स्वर्गीय त्रिवेणी कुंवर की धर्मपत्नी चंद्रकला देवी का शुक्रवार दोपहर निधन हो गया। वे 102 वर्ष की थीं। वे वर्तमान विधायक बाबूलाल शौर्य की दादी थीं।
जिले भर में शोक की लहर
चंद्रकला देवी के निधन की खबर मिलते ही पूरे जिले सहित परबत्ता विधानसभा क्षेत्र में शोक व्याप्त हो गया। उनके पैतृक आवास डुमरिया बुजुर्ग में अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लग गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, चंद्रकला देवी न केवल एक राजनीतिक परिवार की मुखिया थीं, बल्कि क्षेत्र के लिए एक ममतामयी और मार्गदर्शक मातृशक्ति के समान थीं।
शोक संतप्त परिवार
दुख की इस घड़ी में उनके आवास पर परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
पुत्र: ॐ तत्सत महाराज, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. कृष्ण कुमार।
पौत्र: बाबूलाल शौर्य, स्थानीय विधायक।
अन्य परिजन: पूर्व मुखिया रीना देवी (पुत्रवधू), डॉ. प्रो. कुमकुम कुमारी, अंजलि प्रिया, ई. सौरभ कुमार।
कल होगा अंतिम संस्कार
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। उनका अंतिम दाह संस्कार त्रिवेणी उत्तरवाहिनी अगुवानी गंगा घाट पर किया जाएगा। अंतिम यात्रा में क्षेत्र के हजारों लोगों के जुटने की संभावना है।
श्रद्धांजलि का सिलसिला
उनके निधन पर क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि चंद्रकला देवी के निधन से परबत्ता ने एक गौरवशाली इतिहास की जीवंत कड़ी को खो दिया है। उनके आवास पर श्रद्धासुमन अर्पित करने और शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है। पूरा इलाका इस अपूरणीय क्षति से मर्माहत है।






