लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी अगुवानी–सुल्तानगंज गंगा फोरलेन पुल परियोजना में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जून 2023 के हादसे के करीब 20 महीने बाद, पुल के गिरे हुए हिस्से (पिलर संख्या 10 से 12) पर निर्माण कार्य पुनः प्रारंभ कर दिया गया है।
कोफरडैम तकनीक से पिलर का निर्माण
वर्तमान में निर्माण एजेंसी एस.पी. सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी पिलर संख्या 10 से 12 के बीच कोफरडैम तकनीक का उपयोग कर रही है। पिलर निर्माण के लिए ‘डी-वाटरिंग’ (पानी निकालने) का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
- कार्य की प्रगति: दो दर्जन से अधिक मजदूर और तकनीकी कर्मचारी पंपसेट के माध्यम से पिलर के भीतर जमा पानी निकाल रहे हैं।
- अगला चरण: पानी पूरी तरह निकलने के बाद पिलर के भीतर केसिंग फिट की जाएगी। इंजीनियरों की टीम द्वारा गहन जांच और हरी झंडी मिलने के बाद ढलाई का मुख्य कार्य शुरू होगा।
हादसे के बाद बदली रणनीति और डिजाइन
विदित हो कि 4 जून 2023 को पिलर संख्या 9 से 13 के बीच का हिस्सा ढह जाने के कारण निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया था। अब सुरक्षा और मजबूती को ध्यान में रखते हुए आईआईटी रुड़की द्वारा नया डिजाइन तैयार किया गया है।
- नया स्वरूप: पिलर संख्या 9 से 13 के बीच अब स्टील सेगमेंट के माध्यम से संरचना (सुपर स्ट्रक्चर) तैयार की जाएगी।
- मुख्य सचिव का निर्देश: बीते 13 दिसंबर को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के निरीक्षण के बाद कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए थे।
परियोजना की समय-सीमा और लागत
करीब 1710 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को पूरा करने के लिए नई डेडलाइन तय की गई है. एप्रोच पथ (खगड़िया की ओर 16 किमी, भागलपुर की ओर 4 किमी) जैसे लक्ष्य का निर्धारित समय-सीमा वर्ष 2026 तक का है. जबकि पुल का सुपर स्ट्रक्चर और पूर्ण निर्माण कार्य के लिए मई 2027 तक लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
पिलर निर्माण के पश्चात इसे अत्याधुनिक एक्सट्रैक्चर स्वरूप में विकसित किया जाएगा, जिससे यह पुल न केवल यातायात बल्कि इंजीनियरिंग का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।
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