लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत निगरानी विभाग ने शुक्रवार को खगड़िया में बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (L.E.O.) के प्रमंडलीय लेखा पदाधिकारी शीशिर राय को 18,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
रंगे हाथ दबोचे गए अधिकारी
जानकारी के अनुसार, निगरानी विभाग को एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के संवेदक ने सूचना दी थी कि विकास योजनाओं के भुगतान और अन्य कागजी प्रक्रियाओं के बदले लेखा पदाधिकारी द्वारा अवैध राशि की मांग की जा रही है। ब्यूरो की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की और जैसे ही लेखा पदाधिकारी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद विभाग के अन्य कर्मियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त है।
पूर्व विधायक के आरोपों पर लगी मुहर
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कुछ दिनों पूर्व ही परबत्ता के पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार ने योजना एवं विकास विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को लेकर मोर्चा खोला था। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि:
- मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना में बड़े पैमाने पर अवैध वसूली हो रही है।
- योजनाओं के भुगतान को जानबूझकर रोका जा रहा है।
- भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा विकास कार्यों में साजिशन बाधा डाली जा रही है।
आज की इस गिरफ्तारी ने पूर्व विधायक द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों और आशंकाओं की प्रामाणिकता को और मजबूत कर दिया है।
हो सकते हैं और भी खुलासे
विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के एक बड़े नेटवर्क की महज एक कड़ी हो सकती है। निगरानी विभाग शीशिर राय से पूछताछ कर रही है, जिससे इस खेल में शामिल अन्य के नाम सामने आने की संभावना है।
इस घटना ने एक बार फिर विकास योजनाओं में पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय जनता और प्रबुद्ध जनों के बीच अब यह चर्चा तेज है कि सरकारी सिस्टम में जड़ें जमा चुके इस ‘कमीशन तंत्र’ पर आखिर कब तक लगाम लग पाएगी।
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