Breaking News
Poster 2024 06 02 034944

निधन के दशकों बाद स्वर्गलोक से पहुंच शपथ पत्र पर लगाया अंगुठे का निशान‌‌, बताया आधार नंबर !

लाइव खगड़िया : एक तरफ सरकार जमीन संबंधित विवाद खत्म करने की दिशा में लगी हुई है तो दूसरी तरफ जिले में जालसाज जमीन का फर्जी डीड तैयार कर भूमि का दाखिल ख़ारिज तक करा ले रहे हैं. मामला सिस्टम की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. स्थिति यह है कि खतियानी को पता भी नहीं और जालसाजों द्वारा फर्जी डीड तैयार कर उनकी जमीन को बेच भी दिया जा रहा है. मजेदार बात यह भी है कि निधन के दशकों बाद भू-स्वामी स्वर्गलोक से वापस लौट कार्यालय में शपथ पत्र पर अंगुठे का निशान भी लगा रहे और अपना आधार नंबर भी बता रहे हैं. यह अलग बात है कि शपथकर्ता का निधन 50 वर्ष पूर्व ही हो चुका और उस वक्त देश में आधार कार्ड का चर्चा तक नहीं था.

ऐसे ही कुछ मामले जिले को गोगरी अंचल क्षेत्र के‌ राजधाम मौजा से सामने आया है. बताया जाता है कि ईटहरी हल्का (राजधाम मौजा) खाता संख्या 7, प्लांट संख्या 8 का 1 एकड़ 56.96 डिसमिल जमीन का ना सिर्फ फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया बल्कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर म्युटेशन के लिए वासमती देवी ने आवेदन भी दिया है. जिसका केस नंबर 2498/2023-24 है और फिलहाल मामला पेंडिंग है. हलांकि बताया जाता है कि मामले में भू-स्वामी के परिजन की तरफ से आनलाइन आपत्ति दर्ज कराई गई है.

हलांकि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है. इसके पूर्व भी गोगरी अंचल‌ क्षेत्र के राजधाम मौजा के थाना नंबर 327, तौजी नंबर 525 LRD के खाता संख्या 3, खेसरा नंबर 1 एवं खाता नंबर 7, खेसरा नंबर 8, रकवा 08-08 (क्रमशः) की भी फर्जी दस्तावेज के आधार पर जालसाजों ने दाखिल खारिज तक करा लिया. हलांकि वास्तविक भू स्वामी के परिवार वालों को जब इसकी सूचना मिली तो‌ उन्होंने फर्जी डीड के आधार पर हो रहे दाखिल खारिज पर रोक लगाने की गुहार लगायी थी. बताया जाता है कि एक बार दाखिल खारिज पर रोक भी लगी. लेकिन बाद में जमाबंदी कायम कर दिया गया. बताया जाता है कि जब निबंधन कार्यालय से डीड संख्या-1781 की नकल निकाली गई तो वह डीड मो दायमेन देवी बल्द बौबू महतो, बोवील टोला, मुंगेर के नाम से मिली. लेकिन जालसाजों ने इस नंबर की फर्जी डीड कृष्णदेव पासवान, ग्राम जहुआ बहियार, थाना मुफस्सिल जिला मुंगेर के नाम से बनाकर उक्त जमीन बेच दी. मामले का दिलचस्प पहलू यह भी है कि म्यूटेशन के‌ लिए किये गए आवेदन के साथ रैयत नारायण सिंह का शपथ पत्र भी लगाया गया था. जिसमें उन्होंने अपना आधार नंबर‌ 539242407485 बताया है और शपथ पत्र में 2 मई 2023 को लगाया गया उनका अंगुठे का निशान भी है. हलांकि बताया जाता है कि नारायण सिंह का निधन करीब 50 वर्ष पूर्व ही हो चुका है. ऐसे में इस शपथ पत्र सहित उसमें अंकित आधार नंबर पर भी सवाल उठना लाजिमी है.

बहरहाल यदि मामले की संजीदगी से जांच की जाए तो‌ फर्जी डीड तैयार कर जमीन बेचने व खरीदने के बड़े गैंग का भंडाफोड़ हो सकता है. सूत्र बताते हैं कि इस काले कारोबार में मुंगेर जिले सहित स्थानीय कई लोग शामिल हैं. कहा तो यहां तक जा रहा है कि इस खेल में अंचल कार्यालय के कुछ कर्मियों का भी सहयोग है. दोनों ही मामले का मास्टर माइंड एक ही है और कहा जा रहा है कि एक में उसने अपने पिता और दूसरे में अपनी माता के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर गोरखधंधे को अंजाम दिया है. बहरहाल मामला जांच का है. इधर मामला प्रकाश में आने के बाद भू स्वामियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है.

Check Also

IMG 20260127 181856

गोगरी पुलिस को बड़ी सफलता, हथियार के साथ दो अपराधी गिरफ्तार

गोगरी पुलिस को बड़ी सफलता, हथियार के साथ दो अपराधी गिरफ्तार

error: Content is protected !!